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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस: CBI ने SC में कहा- किसी बच्ची की नहीं हुई हत्या, सब जिंदा हैं

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 January 2020, 17:59 IST

Muzaffarpur shelter home case: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने बिहार के मुजफ्फरपुर (शेल्टर होम) आश्रय गृह मामले की अपनी जांच पूरी कर ली है और आश्रय गृह में बच्चों की हत्या के कोई सबूत नहीं है. जांच एजेंसी ने कहा कि फोरेंसिक विश्लेषण से पता चला है कि परिसर में पाए गए दो कंकाल एक पुरुष और एक महिला के थे. एएनआई के अनुसार अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया "मुजफ्फरपुर के आश्रय गृह में किसी भी लड़की की हत्या नहीं की गई थी और कंकाल नहीं मिले थे."

एजेंसी ने कहा फोरेंसिक जांच में पता चला था कि कम से कम 34 कैदियों को आश्रय में नशीली दवाएं देकर और बलात्कार किया गया था. सीबीआई ने दिसंबर 2018 में दायर अपनी चार्जशीट में आरोप लगाया था कि मुख्य आरोपी बृजेश ठाकुर ने लड़कियों को अश्लील गानों पर नाचने और मेहमानों के साथ यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया था. ठाकुर वर्तमान में पंजाब में एक उच्च-सुरक्षा जेल में बंद हैं.

 

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में सीबीआई की रिपोर्ट राष्ट्रीय जनता दल ने सवाल खड़े किये हैं. बुधवार को सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट स्वीकार कर ली और दो अधिकारियों को जांच टीम से राहत देने की अनुमति दी. अटॉर्नी जनरल ने कहा कि बलात्कार और यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच रिपोर्ट संबंधित अदालतों को सौंपी गई है.

 

जांच एजेंसी ने बिहार के 17 आश्रय गृहों के मामलों को देखा था और उनमें से 13 के लिए आरोप पत्र दायर किए गए थे. चार मामलों में साक्ष्य की कमी के कारण प्रारंभिक जांच को बंद कर दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल जून में मामले में संदिग्ध हत्याओं के मामले मेंसीबीआई को जांच पूरी करने के लिए तीन महीने का समय दिया था.

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First published: 8 January 2020, 17:38 IST
 
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