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भारत के इस राज्य ने दी कोरोनावायरस को मात, आज तक सामने नहीं आया एक भी मामला

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 May 2020, 0:09 IST
Nagaland

भारत में कोरोना वायरस का पहला मामला जनवरी के अंत में सामने आया था और तब से लेकर अभी तक देश में लगातार इस वायरस के एक लाख 30 हजार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं जबकि 3 हजार से अधिक लोग इस वायरस के कारण अपनी जान गंवा चुके है. केंद्र सरकार ने वायरस के असर को रोकने के लिए 25 मार्च को लॉक डाउन का ऐलान किया था और अभी इसका चौथा चरण चल रहा है. सरकार का दावा है कि लॉक डाउन का फायदा हुआ है और देश में मामले उस रफ्तार से नहीं बढ़े और अगर लॉक डाउन ना होता तो मामले काफी ज्यादा होते.

हालांकि, भारत में कोरोना का असर दिख रहा है. देश के कई बड़े शहरों में वायरस लोगों की जान ले रहा है लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत का एक राज्य ऐसा भी हैं जहां अभी तक कोरोना का एक भी मामला सामने नहीं आया है. पूर्वोत्तर में स्थित नागालैंड भारत का एकमात्र ऐसा राज्य है जिसने अभी तक कोरोनावायरस का एक भी मामला दर्ज नहीं किया है.


भले ही राज्य में एक भी मामला सामने नहीं आया है लेकिन फिर भी सरकार ने असम से लगी अपनी सीमा कर दी है और दूसरे राज्यों से लोग इस समय अपने घरों को वापस न आए, इसके लिए सरकार ने उन लोगों के लिए नकद प्रोत्साहन की घोषणा करने जैसे कई कदम उठाए. लेकिन इस राज्य में कोरोना वायरस का एक भी मामला सामने आ आने का एक कारण यह भी है राज्य में कोरोना संक्रमण की जांच की कोई लैब नहीं थी औऱ बीते सप्ताह ही वहां पर एक लैब बनी है.

अप्रैल में दिमापुर के एक व्यक्ति को कोरोना वायरस के लक्ष्ण दिखे थे तब उसे एक निजी अस्पताल द्वारा जल्दी से गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भेजा गया. गुवाहाटी, नागालैंड के सबसे बड़े शहर दीमापुर से 280 किलोमीटर दूर है. 33 वर्षीय रोगी, जो उब ठीक हो गया है, उसका ईलाज पड़ोसी असम में इलाज किया गया था, ऐसे में नागालैंड ने कोरोना वायरस का एक भी मामला दर्ज नहीं किया था. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, नागालैंड ने अब तक एक भी कोरोनोवायरस मामले की रिपोर्ट नहीं की है.

वहीं देश के अन्य हिस्सों में फंसे नागालैंड के लोगों को उनके गृह राज्य में लौटने से रोकने के लिए, नागालैंड सरकार ने एक अनोखा तरीका अपनाया है. राज्य सरकार ने राज्य के सभी नागरिकों को 10,000 की एक बार की सहायता की घोषणा की है, जो वर्तमान में राज्य में वापस आने का विकल्प नहीं चुनते हैं. हालांकि, राज्य के लगभग 19,000 लोगों ने नागालैंड लौटने के लिए अपने नाम पंजीकृत किए हैं. वहीं जो लोग रेड जोन से वापस आ रहे हैं उन्हें राज्य में दिमारपुर और कोहिमा पर ही स्कैन किया जा रहा है और उन लोगों को क्वारंटाइन कर रहे हैं.

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First published: 24 May 2020, 22:16 IST
 
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