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नागालैंड चुनाव: भाजपा की बड़ी जीत, संभावित मुख्यमंत्री बिना वोटिंग बने विधायक

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 February 2018, 12:15 IST

नागालैंड में 27 फरवरी को विधानसभा चुनाव होने हैं लेकिन चुनाव के दो हफ्ते पहले ही भारतीय जनता पार्टी को एक बड़ी जीत मिली है. नेशनलिस्ट डेमक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) के उम्मीदवार और तीन बार मुख्यमंत्री रहे नोफियू रियो को कोहिमा जिले के उत्तर अंगामी-2 विधानसभा क्षेत्र से निर्विरोध चुन लिया गया है. चुनाव आयोग ने उनके निर्वाचन की घोषण करते हुए कहा कि उनके प्रतिद्वंद्वियों ने अपना नामांकन वापस ले लिया.

भाजपा के सहयोगी रियो के खिलाफ मैदान में उतरे नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के उम्मीदवार के नाम वापस लेने के बाद उन्हें विजयी घोषित किया गया. रियो पिछले माह एनपीएफ छोड़कर नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) में शामिल हो गए थे. हाल ही में एनडीपीपी का गठन किया गया है.

रियो के खिलाफ नामांकन वापस लेने वाले उम्मीदवार सत्तापक्ष नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के उम्मीदवार चुफो अंगामी हैं. अंगामी रियो के बहनोई भी हैं और दोनों एक ही गांव से आते हैं.

दरअसल, केंद्र की भाजपा सरकार ने पिछले सप्ताह एनपीएफ से गठबंधन तोड़ एनडीपीपी से साथ मिलाया है. ऐसे में नेफियू रियो के विधायक चुने जाने पर भाजपा खेमे में खुशी का माहौल देखा जा रहा है.

सोमवार 11 फरवरी को नागालौंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आखिरी दिन 32 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस लिया है. इसमें एनडीपीपी के दो उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं. दो उम्मीदवार जेडीयू और कांग्रेस जबकि एक एनपीपी के उम्मीदवार ने अपना नामांकन वापस लिया है. नामांकन वापस लेने वाले में 26 निर्दलीय उम्मीदवार शामिल है.

इससे पहले भी बिना लड़े जीत चुके हैं रियो
यह पहली बार नहीं है जब रियो बिना चुनाव लड़े नागालैंड विधानसभा में पुहंचे हैं. इससे पहले 1998 में वह कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में निर्विरोध निर्वाचित हुए थे. उस वक्त अन्य दलों ने चुनाव का बहिष्कार किया था. रियो वर्तमान में नागालैंड से संसद के सदस्य हैं. राज्य में नागालैंड एक मात्र संसदीय सीट है. वर्ष 2014 में वह एनपीएफ के उम्मीदवार के रूप में लोकसभा चुनाव जीते थे.

 

अगर उनकी पार्टी नागालैंड विधानसभा चुनाव जीतती है और वह नागालैंड में एमएलए बना रहना चाहते हैं तो उनको संसद की सीट छोड़नी पड़ेगी. रियो को राज्य में अगले सीएम के रूप में देखा जा रहा है.

वह वर्ष 2003 से 2014 के बीच 11 सालों तक तीन बार नागालैंड के सीएम रह चुके हैं. लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उन्होंने सीएम की कुर्सी टीआर जेलियांग को दे दी थी. एनपीएफ के भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने के फैसले के बाद रियो ने पार्टी छोड़ दिया.

First published: 13 February 2018, 12:07 IST
 
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