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75 पार नजमा और सिद्धेश्वरा की मोदी मंत्रिपरिषद से विदाई, नकवी का बढ़ा कद

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 July 2016, 10:40 IST
(फाइल फोटो)

नरेंद्र मोदी मंत्रिपरिषद से दो बुजुर्ग मंत्रियों नजमा हेपतुल्ला और जीएम सिद्धेश्वरा की विदाई हो गई है. नजमा हेपतुल्ला मोदी सरकार में सबसे उम्रदराज मंत्री थीं.

अल्पसंख्यक मामलों की कैबिनेट मंत्री नजमा हेपतुल्ला ने मंगलवार शाम मोदी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया. वह 75 साल पार कर चुके मंत्रियों में शामिल थीं.

मुख्तार अब्बास नकवी का प्रमोशन

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय में नजमा हेपतुल्ला के सहयोगी मुख्तार अब्बास नकवी को प्रमोशन मिला और उन्हें इसी मंत्रालय में राज्यमंत्री से बढ़ाकर राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार का दर्जा मिला है. राष्ट्रपति भवन से मिली जानकारी में इसकी पुष्टि की गई है.

पांच जुलाई को मोदी मंत्रिपरिषद के दूसरे विस्तार के वक्त नजमा हेपतुल्ला विदेश में थीं. इस वजह से उनका इस्तीफा नहीं हो सका था. दूसरा ईद से ठीक पहले एक अल्पसंख्यक समुदाय के मंत्री को हटाकर सरकार गलत संदेश नहीं देना चाहती थी. 

इसके अलावा शहरी विकास राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो का मंत्रालय बदल दिया गया है. उन्हें शहरी विकास से हटाकर भारी उद्योग मंत्रालय में भेजा गया है. 

'व्यक्तिगत वजहों से छोड़ा पद'

वहीं इस्तीफे के बाद नजमा हेपतुल्ला ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से पद छोड़ा है. उन्होंने कैबिनेट में शामिल किए जाने के लिए पीएम मोदी का शक्रिया अदा करते हुए कहा कि मैं जब तक पद पर रही, तब तक काफी सीखा और 'सबका साथ सबका विकास' से जुड़ी उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश की.

पढ़ें: मंत्रिपरिषद विस्तार: जानिए बदलाव के बाद किसको मिला कौन सा मंत्रालय

हेपतुल्ला ने कहा कि वह आगे भी पार्टी की ओर से दी जाने वाली जिम्मेदारियों के लिए तैयार रहेंगी. वहीं सूत्रों के मुताबिक नजमा हेपतुल्ला ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के कहने पर पद से इस्तीफा दिया है. शाह ने मंगलवार सुबह उन्हें मिलने के लिए बुलाया था.

कर्नाटक के जीएम सिद्धेश्वरा का भी इस्तीफा

नजमा के अलावा राज्‍यमंत्री बनाए गए कर्नाटक से सांसद जीएम सिद्धेश्‍वरा ने भी अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया. बीते हफ्ते मंगलवार को मंत्रिपरिषद विस्तार में जिन छह मंत्रियों का इस्तीफा होना था, उनमें सिद्धेश्‍वरा का नाम भी शामिल था.

पांच मंत्रियों ने तो उस दिन ही इस्तीफा दे दिया था, लेकिन उस दिन सिद्धेश्‍वरा का जन्मदिन था और अपने संसदीय क्षेत्र में उन्होंने एक बड़ी रैली की थी. इसलिए उन्होंने इस्‍तीफा देने के लिए आलाकमान से कुछ वक्‍त मांगा था.

कलराज मिश्र की बची कुर्सी

हालांकि कैबिनेट मंत्री कलराज मिश्र अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब रहे. माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव की वजह से उनको अभयदान मिला है. पार्टी एक ब्राह्मण चेहरे को हटाकर समुदाय की नाराजगी मोल लेने का जोखिम नहीं उठाना चाहती थी.

इन दोे मंत्रियों के इस्तीफे के बाद अब मोदी मंत्रिपरिषद पीएम नरेंद्र मोदी समेत कुल 76 मंत्री हैं, जिनमें 26 कैबिनेट मंत्री, 13 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 37 राज्यमंत्री शामिल हैं.

First published: 13 July 2016, 10:40 IST
 
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