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हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध आलोचक नामवर सिंह का निधन, दिल्ली AIIMS में ली आखिरी सांस

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 February 2019, 9:13 IST

हिन्दी साहित्य के मशहूर आलोचक शिखर पुरुष नामवर सिंह ने मंगलवार की देर रात 92 साल की उम्र में अंतिम सांसे लीं. नामवर सिंह पिछले एक महीने से AIIMS के ट्रामा सेंटर में एडमिट थे. ट्रामा सेंटर में ब्रेन हैमरेज की वजह से उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था. डॉक्टरों द्वारा काफी समय से उन्हें ठीक करने की कोशिश की जा रही थी.

बता दें कि नामवर सिंह इससे पहले जनवरी में भी खराब तबीयत होने की वजह से उन्हें ICU में भर्ती कराया गया था. सेहत में उधार होने के बाद उन्हें आईसीयू से हटा लिया गया था. खबरों के मुताबिक, नामवर सिंह अपने कमरे में गिर गए थे, जिसके बाद उन्हें AIIMS में भर्ती कराया गया, लेकिन उनकी तबीयत में कोई उधार नहीं आ रहा था औऱ धीरे-धीरे उनकी हालत औऱ ज्यादा बिगड़ रही थी. बताया जा रहा है कि नामवर सिंह का अंतिम संस्कार दिल्ली के लोधी घाट पर किया जाएगा.

 नामवर सिंह के निधन की खबर सुनकर पूरे साहित्य जगत में गहरा सदमा पहुंचा है. उनके निधन के बाद से साहित्य और पत्रकारिता जगत के वरिष्ठ लोगों ने ट्विटर के जरिए गहरा शोक जताया है.

वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट किया. "हिंदी में फिर सन्नाटे की ख़बर. नायाब आलोचक, साहित्य में दूसरी परम्परा के अन्वेषी, डॉ नामवर सिंह नहीं रहे. मंगलवार को आधी रात होते-न-होते उन्होंने आख़िरी सांस ली. कुछ समय से एम्स में भर्ती थे. 26 जुलाई को वे 93 के हो जाते. उन्होंने अच्छा जीवन जिया, बड़ा जीवन पाया, नतशीश नमन."

डॉ. नामवर सिंह का जन्म वाराणसी के जीयनपुर में 28 जुलाई 1927 को हुआ था.  इन्होंने ज्यादातर आलोचना, साक्षात्कार इत्यादि विधाओं में किताबें लिखी हैं.  ये हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध साहित्यकारों में एक हैं.  नामवर सिंह ने साहित्य में बनारस विश्वविद्यालय से MA और पीएचडी की. इसके बाद वे विश्वविद्यालय में प्रोफेसर भी रहे. उनकी छायावाद, नामवर सिंह और समीक्षा, आलोचना और विचारधारा जैसी किताबें चर्चित हैं.  

First published: 20 February 2019, 8:22 IST
 
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