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भारत खरीद रहा है रूस से ये घातक मिसाइल सिस्टम, लेकिन अमेरिका को है ऐतराज ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 October 2018, 11:19 IST

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार को भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मलेन के लिए नई दिल्ली पहुंचे. पुतिन की इस यात्रा के दौरान भारत और रूस के बीच 10 बिलियन डॉलर के सौदों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है. 24 घंटे की पुतिन की ये यात्रा भारत-अमेरिका के रिश्तों पर भी असर डाल सकती है क्योंकि भारत रुस से s-400 रक्षा प्रणाली के लिए डील कर सकता है. 

अमेरिका हमेशा से यह चाहता रहा है कि कि वह इस तरह की रक्षा प्रणालियों को अमेरिका से ही खरीदे. शुक्रवार को भारत और रूस के बीच तीन प्रमुख सैन्य सौदों पर समझौते होने की उम्मीद है. जिनमे पांच एस-400 मिसाइल प्रणालियों के लिए 39,000 करोड़ (5 अरब डॉलर से अधिक) भी शामिल है.

एक रिपोर्ट की माने तो अमेरिका का कहना है कि भारत और रूस के बीच अगर यह सौदा होता है तो यह उन प्रतिबंधों के दायरे में आ सकती है जिसमे CAATSA नियमों के मुताबिक रूस, ईरान और उत्तर कोरिया से रक्षा सौदों पर प्रतिबंध है. पिछले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने चीन पर प्रतिबंध लगाए क्योंकि उसने Su-35 लड़ाकू जेट और एस-400 सिस्टम की डिलीवरी शुरू कर दी थी.

बुधवार को एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने कहा कि एक बार रक्षा मंत्रालय अनुबंध पर हस्ताक्षर करता है,तो एस -400 सिस्टम की डिलीवरी 24 महीने में शुरू होगी. अक्टूबर 2016 में दोनों देशों ने एस -400 सिस्टम के लिए इंटर-गवर्नमेंट एग्रीमेंट्स (आईजीए) पर बातचीत शुरू की.

पिछले महीने अमेरिका के विदेश मंत्री माइक Pompeo ने कहा कि वाशिंगटन रूस और ईरान पर प्रतिबंधों से भारत को छूट देने के बारे में सोच रहा है. उन्होंने कहा कि वाशिंगटन का उद्देश्य भारत जैसे महान रणनीतिक साझेदारों को दंडित करना नहीं है.

क्या है एस-400

एस-400' मिसाइल प्रणाली दुनिया की सबसे बेहतरीन रक्षा प्रणाली मणि जाती है. रूस इसका इस्तेमाल 2007 से कर रहा है. एस-400 की खासियत है कि यह करीब 400 किलोमीटर के क्षेत्र में दुश्मन के विमान, मिसाइल और यहां तक कि ड्रोन को भी नष्ट कर सकत है. यह अमेरिका के सबसे उन्नत फाइटर जेट F-35 को भी टक्कर दे सकता है.  इससे एक साथ तीन मिसाइलें दागी जा सकती हैं.एस-400 के में 72 मिसाइलें आती हैं, जो 36 लक्ष्यों भेदने में सक्षम है.

First published: 5 October 2018, 11:16 IST
 
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