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कौन हैं BIMSTEC देश जिन्हें PM मोदी के शपथ ग्रहण में दिया गया है न्यौता, इस वजह से हैं खास

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 May 2019, 13:17 IST

नरेंद्र मोदी ने साल 2014 के लोकसभा चुनाव में जीत के बाद शपथ ग्रहण समारोह में सार्क देशों को बुलाया था. वहीं इस बार नरेंद्र मोदी के शपथ समारोह में BIMSTEC देशों के प्रमुखों को आमंत्रित किया गया है. इस फैसले को एक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है. BIMSTEC सात देशों का एक संगठन है.

BIMSTEC का फुल फॉर्म Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation है. बिम्सटेक बंगाल की खाड़ी से जुड़े हमारे पड़ोसी हैं. बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव मल्टी सेक्टर में तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बनाया गया था. इस संगठन में दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया के सदस्य देश हैं.

यह संगठन बंगाल की खाड़ी से तटवर्ती या समीप देशों का एक अंतरराष्ट्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोगी संगठन है. इसमें बांग्लादेश, भारत, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड जैसे 7 देश शामिल हैं. इसका मुख्यालय बांग्लादेश की राजधानी ढाका में है. 

BIMSTEC का गठन 6 जून, 1997 को हुआ था. पहले यह BISTEC था, बाद में मल्टी सेक्टोरल जुड़ने से 1998 में यह BIMSTEC हो गया. सदस्य राष्ट्र अपने नाम के अक्षरों के अनुसार रोटेशन पर बिम्सटेक की अध्यक्षता करते है. इस संगठन का गठन तकनीकी और आर्थिक क्षेत्रों में सदस्य देशों के बीच अधिक से अधिक सहयोग के उद्देश्य से किया गया था. साल 2018 में चौथा बिम्सटेक शिखर सम्मेलन नेपाल में हुआ था.

कहा जा रहा है कि नरेंद्र मोदी के शपथ समारोह में BIMSTEC सदस्यों को बुलाना भारत के हक में रहेगा. पहला तो पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंधों की दिशा में यह एक मजबूत कदम साबित होगा. दूसरा, बिम्सटेक से जुड़े देशों ने 14 तकनीकी और आर्थिक क्षेत्रों में एक दूसरे के सहयोग के लिए सहमति व्यक्त की.

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First published: 28 May 2019, 13:10 IST
 
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