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अरुण शौरी: मोदी लोगों को पेपर नैपकिन की तरह इस्‍तेमाल करते हैं

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:50 IST

एनडीए सरकार में विनिवेश मंत्री रह चुके बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण शौरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. पीएम को अहंकारी बताते हुए शौरी ने कहा कि वो एक व्यक्ति के प्रभुत्व वाली ‘राष्ट्रपति प्रणाली की सरकार’ चलाने का प्रयास कर रहे हैं.

पूर्व केंद्रीय मंत्री शौरी ने कहा कि कहा कि ऐसी सरकार देश को खतरनाक दिशा की ओर लेकर जा रही है.

वाजपेयी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे अरुण शौरी ने मोदी सरकार को बिना किसी नियंत्रण वाली ‘राष्ट्रपति प्रणाली की सरकार’ बताया और कहा कि उनकी अगुवाई में इस सरकार की दिशा और दशा भारत के लिए ठीक नहीं रहेगी.

अरुण शौरी ने ये बातें अंग्रेजी टेलीविजन चैनल हेडलाइंस टुडे के कार्यक्रम ‘टू द प्वाइंट’ करण थापर के साथ में इंटरव्यू के दौरान कही.

अहंकारी-आत्ममुग्ध होने का आरोप


समाचार चैनल की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक अरुण शौरी ने प्रधानमंत्री मोदी पर अहंकारी होने का आरोप लगाया और कहा कि वो बहुत हद तक आत्ममुग्ध हैं. उनमें असुरक्षा का भारी बोध है.

पीएम मोदी पर शौरी ने यह भी आरोप लगाया कि वो अपने फायदे के लिए घटनाओं का दोहन करते हैं.

पहले भी मोदी की आलोचना कर चुके शौरी ने कहा कि लोगों के प्रति उनका दृष्टिकोण इस्तेमाल करो और फिर किनारे कर दो का है. वो लोगों को ‘पेपर नैपकिन की तरह’ इस्तेमाल करते हैं और उन्हें उसका कोई अफसोस भी नहीं होता.

अगस्ता मामले में निशाना


शौरी ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे पर चल रहे विवाद में कंपनी के दो पूर्व प्रमुखों गुइसेप्पी ओरसी और ब्रूनो स्पागोलिनी के इतालवी अदालत से बरी होने के खिलाफ अपील नहीं करने को लेकर मोदी सरकार की जमकर आलोचना की.

शौरी को घर वापसी, लव जिहाद, बीफ पर पाबंदी, पुरस्कारों की वापसी, राष्ट्रवाद के विरोध के खिलाफ अभियान, भारत माता की जय पर फोकस और विद्यार्थियों के प्रदर्शन में एक स्पष्ट तरह की तार्किकता नजर आती है.

'बांटो और राज करो की राजनीति'


उनके मुताबिक ये सब जान-बूझकर सरकार द्वारा गढ़ा गया जान पड़ता है. शौरी ने कहा कि इन सब घटनाओं की वजह से ‘टकराव और ध्रुवीकरण’ पैदा होगा और मोदी ने भारत में जानबूझकर विभाजन पैदा किया, जो एक तरह से ‘बांटो एवं शासन करो’ की नीति है.

कार्यक्रम में शौरी ने मोदी सरकार के दो साल के कार्यकाल को परखने के बाद चेतावनी दी कि अगले तीन साल में उन्हें ‘अरुचिकर आवाजों’ का गला घोंटने की प्रवृत्ति दिखने के अलावा ‘नागरिक स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने की 'ज्यादा व्यवस्थित कोशिश’ में इजाफे की आशंका नजर आती है.

संविधान से खिलवाड़ का आरोप


हालांकि शौरी ने माना कि मोदी के शासन में केंद्र में भ्रष्टाचार बिल्कुल कम हो गया या गायब हो गया, लेकिन इसके साथ ही पूर्व मंत्री ने कांग्रेस शासित राज्यों-उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने के फैसले को मोदी सरकार का ‘असंवैधानिक’ कदम बताया.

उन्होंने कहा कि बीजेपी के द्वारा जानबूझकर दल-बदलुओं को आकर्षित करने और आमंत्रित करने की नीति से पार्टी कमजोर होगी.

वहीं मोदी सरकार द्वारा पाकिस्तान के साथ रिश्ते को संभालने के तौर-तरीके की भी शौरी ने कड़ी आलोचना की. शौरी ने कहा कि हमने पाकिस्तान की नजर में खुद को बेवकूफ बना लिया है.

First published: 7 May 2016, 1:21 IST
 
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