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एनजीटी ने केजरीवाल के ऑड-ईवन फॉर्मूले को शर्तों के साथ दी मंज़ूरी

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 November 2017, 15:40 IST

नेशलन ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने शनिवार को दिल्ली में ऑड-ईवन फॉर्मूले को मंजूरी दे दी है. केजरीवाल सरकार ने 13 से 17 नवंबर तक दिल्ली में इसे लागू किया है. दिल्ली में प्रदूषण की वजह से बढ़ते स्मॉग की वजह से ये फैसला लिया गया है.

इससे पहले साल 2016 में इसे दो बार लागू किया जा चुका है. एनजीटी ने केजरीवाल सरकार के फैसले को इस बार सर्शत सहमति दी है. एनजीटी ने दिल्‍ली सरकार को कहा कि अगर आप ऑड-ईवन लागू करते हैं तो हमारे निर्देश के अनुसार करें.

ऑड-ईवन करना है या नहीं ये हम आप छोड़ते हैं. लेकिन अगर ऑड-ईवन लागू होगा तो हमारे निर्देशों के अनुसार ही होगा. एनजीटी ने कहा कि दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी मौसम विभाग के साथ मीटिंग करें जब भी हालात ख़राब हों.

एनजीटी ने इस योजना को मंजूरी देते हुए कहा कि इससे महिलाओं, दोपहिया वाहनों और सरकारी कर्मचारियों को किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी. इसके अलावा भविष्य में पीएम 2.5 का स्तर 300 से ऊपर और पीएम10 का स्तर 500 से ऊपर होने की स्थिति में ऑड-ईवन स्कीम अपने आप लागू हो जाएगी. इस योजना के तहत केवल आपातकालीन वाहनों को ही छूट दी जाएगी.

डीडीए का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील राजीव बंसल ने फैसला आने के बाद संवाददाताओं से कहा, "एनजीटी ने आज अपने आदेश में कहा कि अगर भविष्य में पीएम 2.5 का स्तर 300 से ऊपर और पीएम10 का स्तर 500 से अधिक होता है तो ऑड-ईवन योजना अपने आप लागू हो जाएगी."

बंसल ने कहा,"प्राधिकरण ने यह भी कहा कि इस योजना के तहत वीआईपी वाहनों, महिलाओं या सरकारी कर्मचारियों को किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी. केवल दमकल गाड़ियों, एंबुलेंस और ठोस अपशिष्ट ले जाने वाले वाहनों जैसे आपातकालीन वाहनों को ही छूट दी जाएगी."

इंटरनेशनल मानकों के अनुसार पीएम 2.5 और पीएम 10 की सुरक्षित सीमा 25 और 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है, जबकि राष्ट्रीय मानकों के अनुसार यह क्रमश: 40 और 100 यूनिट हैं.

First published: 11 November 2017, 15:40 IST
 
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