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नेशनल हेरल्ड: बेल नहीं, जेल जा सकते हैं सोनिया-राहुल

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 December 2015, 20:28 IST
QUICK PILL

नेशनल हेरल्ड मामले की 19 दिसंबर को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में होने वाली सुनवाई को अब करीब 24 घंटे का वक्त बचा है. लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी या पार्टी की तरफ से अब तक अग्रिम जमानत की कोई सुगबुगाहट नहीं है. कांग्रेसी खेमें से ऐसी खबरें आ रही हैं कि वे अदालत में बेल के लिए अर्जी नहीं देंगे बल्कि जेल जाना पसंद करेंगे.

जाहिर है कांग्रेस पार्टी भावनाओं की राजनीति के तहत ऐसा करने की सोच रही है. सूत्रों के मुताबिक अदालत द्वारा भेजे गए समन के बाद यदि 19 दिसंबर को जमानत लेने की स्थिति आई तो सोनिया-राहुल बेल अर्जी नहीं देंगे. इस सूरत में उनके पास जेल जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा. बताया जा रहा है कि कांग्रेस इस मुद्दे का भावनात्मक लाभ उठाना चाहती है. 

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वहीं, दूसरी ओर इस दौरान पार्टी दिल्ली में अपने सभी नेताओं-कार्यकर्ताओं को जुटाने की तैयारी भी कर रही है. शनिवार को सोनिया और राहुल के अदालत पहुंचने से पहले और बाद की क्या रणनीति बनाई गई है, इस बारे में बोलने से अभी पार्टी नेता बचते दिख रहे हैं. लेकिन खबर है कि एनएसयुआई और कांग्रेस की युवा शाखाओं से बड़ी संख्या में इकट्ठा होने का संदेश दिया गया है. कार्यकर्ताओं की इस भीड़ को रास्ते में मौजूद रहने की ताकीद है.

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के मुताबिक न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष अदालत के सामने पेश होंगे. दोनों को न्यायिक व्यवस्था में पूरा भरोसा है. सुरजेवाला ने मीडिया से कहा कि वकीलों द्वारा दी गई सलाह के  मुताबिक जरूरी कदम उठाया जाएगा.

दूसरी ओर क्या पार्टी प्रमुख जमानत के लिए आवेदन करेंगे के प्रश्न पर उनकी पैरवी करने वाले वकील अभिषेक सिंघवी ने कहा कि वे अपनी रणनीति सार्वजनिक नहीं कर सकते. अभी तक इस बाबत किसी से बात नहीं की है. इसलिए इस पर नहीं बोल सकता. 

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संभावना जताई जा रही है कि पार्टी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के प्रति एकजुटता दिखाते हुए पार्टी के अधिकांश पदाधिकारी और सांसद उनके साथ अदालत जा सकते हैं. कांग्रेस इसका राजनीतिक लाभ उठाने की भी कोशिश करेगी. बताया जा रहा है कि 10 जनपथ से लेकर पटियाला हाउस कोर्ट तक पार्टी पैदल मार्च निकाल सकती है.

इसके अलावा सभी कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस दिन दिल्ली में मौजूद रह सकते हैं.

 

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सूत्रों की मानें तो मामला अदालत में होने के कारण पार्टी आलाकमान कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाना चाहता जिससे उन्हें किसी तरह का खामियाजा उठाना पड़े. लेकिन पार्टी के तमाम नेता और यूथ कांग्रेस इस दौरान एकजुटता और प्रदर्शन करना चाहते हैं. 19 दिसंबर को बड़ी गतिविधियों का दिन होगा.

First published: 17 December 2015, 20:28 IST
 
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