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शादीशुदा लोग शादी का पंजीकरण ना कराने पर जुर्माना भरने के लिए रहें तैयार

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 July 2017, 12:13 IST
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

राष्ट्रीय विधि आयोग ने विवाह पंजीकरण अनिवार्य करने के लिए मोदी सरकार से नया कानून बनाने की सिफारिश की है. इसके तहत तय समय तक विवाह का पंजीकरण न होने पर रजिस्ट्रार पांच रुपये प्रतिदिन का विलंब शुल्क लेकर रजिस्ट्रेशन करेगा.  

आयोग की 270वीं रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी धर्मों के लोगों के लिए शादी का पंजीकरण कराना अनिवार्य किया जाना चाहिए. शादी समारोह के 30 दिनों के भीतर पंजीकरण हो जाना चाहिए. आयोग ने केंद्र सरकार से रजिस्ट्रेशन ऑफ बर्थ एंड डेथ एक्ट, 1969 में संशोधन करने की सिफारिश की है. इसे जन्म, विवाह एवं मृत्यु पंजीकरण कानून बना दिया जाए.

आयोग की ओर से बिना किसी उचित कारण के पंजीकरण न कराने पर वैवाहिक जोड़े से  पांच रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाने की भी सिफारिश की गई है.

लॉ कमीशन का तर्क है कि विवाह के पंजीकरण से कई तरह की दिक्कतों को दूर किया जा सकता है. इससे खास तौर पर महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने में मदद मिल सकेगी. कई बार विवाह में विवाद हो जाने पर महिलाओं के पास शादी का सबूत नहीं रहता और उन्हें कई अधिकारों से वंचित होना पड़ता है. ऐसे मामले तलाक और पति के मर जाने पर सामने आते हैं. विवाह के पंजीकरण के बाद महिलाओं को बच्चों की कस्टडी और संपत्ति में अधिकार मिलने में आसानी होगी.

First published: 5 July 2017, 12:13 IST
 
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