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काम आई नेशनल लेवल शूटर आयशा फलक की निशानेबाजी, किडनैपर के चंगुल से भाई को छुड़ाया

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 May 2017, 15:19 IST

देश की जानी-मानी नेशनल लेवल शूटर आयशा फलक ने अपने भाई को बदमाशों के चंगुल से छुड़ाया. इस दौरान उन्हें गोली भी चलानी पड़ी जो बदमाशों को लगी. जिस भाई आसिफ को उन्होंने बदमाशों के चंगुल से छुड़ाया वह दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ता है.

जानकारी के मुताबिक, फिरौती की कॉल मिलने के बाद आयशा ने उस लाइसेंसी पिस्टल का इस्तेमाल किया, जिसे वह अपने पर्स में रखा करती थीं. हालांकि वह बहुत घबराई हुई थीं, लेकिन बदमाशोें के सामने अपना हौसला दिखाते हुए आखिरकार अपने भाई आसिफ को छुड़ा ही लिया. यह घटना गुरुवार रात की है. 

आयशा के छोटे भाई अासिफ के भाई का कुछ दिन पहले अपहरण हुआ था. बृहस्पतिवार रात में किडनैपर से बातचीत में यह तय हुआ कि कहां आैर किस समय रकम पहुंचानी है.

तय समय पर जब आयशा पैसे लेकर कार के पास पहुंचीं तो अंदर बैठे दो बदमाशों ने फिरौती की रकम लेने के लिए हाथ आगे बढ़ाए और रकम ले ली. इसके बाद भी दोनों किडनैपर (मोहम्मद रफी और आकाश) करीब आधे घंटे तक कार में आसिफ को बंधक बनाकर घुमाते रहे.

इसके साथ ही आयशा अपने पति के साथ दूसरी गाड़ी में किडनैपर की कार का पीछा करती रही.  इसके बाद अचानक कार आगे जाकर रुकी और दरवाजा खुलते ही एक युवक बाहर निकला. 

कार रुकने के कुछ ही पलों बाद अचानक तड़ातड़ फायरिंग शुरू हो गई. 33 वर्षीय आयशा फलक के हाथों में .32 बोर पिस्तौल थी. आयशा ने एक बदमाश की कमर पर गोली मारी तो दूसरे के पैर में. इसके बाद अपने भाई को छुड़ा लिया.

आयशा के पति फलक शेर आलम के मुताबिक, फिरौती का कॉल आने के बाद आयशा डरी हुई थीं, लेकिन उन्होंने कहा कि वही आसिफ के किडनैपर्स को पैसे देने जाएंगी. वहीं, आयशा का कहना है कि मुझे पुरुषों पर फायरिंग करते देख आसिफ हैरान था. आयशा और उनके पति की कार को पुलिस फॉलो कर रही थी. पुलिस ने आयशा की गोली से घायल हुए आरोपियों को पकड़ लिया और आयशा की पिस्तौल पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली है. 

First published: 28 May 2017, 15:19 IST
 
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