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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के इंटरव्यू से उपजा विवाद

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 January 2016, 12:24 IST

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल का एक इंटरव्यू नए विवाद का सबब बन गया है. एक वेबसाइट ने डोभाल के हवाले से दावा किया है कि भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाली वार्ता रद्द हो गई है. वेबसाइट के मुताबिक डोभाल ने कहा कि जब तक पठानकोट मामले में पाकिस्तान कार्रवाई नहीं करता तब तक बातचीत संभव नहीं होगी. जबकि डोभाल इस खबर का खंडन कर रहे हैं.

दैनिक भास्कर ने दावा किया है कि उसे दिए गए इंटरव्यू में डोभाल ने कहा, 'पाकिस्तान पठानकोट के गुनहगारों पर कड़ी कार्रवाई नहीं करेगा और भारत उस एक्शन से संतुष्ट नही होगा, तब तक कोई शांतिवार्ता नहीं करेंगे. इसी के तहत भारत ने 15 जनवरी को इस्लामाबाद में होने वाली इंडो-पाक सेक्रेटरी लेवल मीट भी कैंसिल कर दी है.'

मीडिया में खबरें आने के बाद डोभाल इस इंटरव्यू का खंडन कर रहे हैं. एक अन्य मीडिया हाउस इंडिया टुडे से बातचीत में उन्होंने कहा, 'यह वार्ता रद्द नहीं की गई है. अखबार भी जल्द ही इसका खंडन छापने वाला है. मेरे ऑफिस की ओर से भी खंडन जारी किया जा रहा है. मैं किसी को इंटरव्यू नहीं देता हूं. फिर मैं भास्कर को इंटरव्यू कैसे दे सकता हूं?

लेकिन ऐसा लगता है कि भाष्कर अजीत डोभाल से सहमत नहीं है. वह खंडन की बजाय अपनी बात पर कायम है. भास्कर ने अपनी वेबसाइट पर डोभाल से बातचीत 'एक्सक्लूसिव' बैनर के साथ लगा रखा हैं. अब उसने वेबसाइट पर बातचीत का ऑडियो भी डाल दिया है. कैच इस ऑडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है.

पूरी बातचीत सुने

पठानकोट हमले के बाद से ही मीडिया में इस तरह की अटकलें लग रहीं थीं कि भारत-पाकिस्तान के बीच सचिव स्तर की वार्ता रद्द हो सकती है. इस बारे में केंद्र सरकार की ओर से अब तक बयान नहीं आया है.

आईबी के पूर्व निदेशक डोभाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाते हैं. पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले के बाद ही डोभाल की रणनीतिक 'समझदारी और फैसले' पर सवाल उठ रहे हैं. सुरक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि आतंकियों से निपटने में फौज की जगह डोभाल का एनएसजी को तरजीह देने का फैसला गलत था.

कुछ दिनों पहले पूर्व आर्मी चीफ जनरल वीपी मलिक ने कहा था, 'एनएसजी को भेजना गलत फैसला था. पास में ही मौजूद आर्मी को इस ऑपरेशन की जिम्‍मेदारी देनी चाहिए थी क्‍योंकि उन्‍हें जमीनी हालत की जानकारी बेहतर थी.'

First published: 11 January 2016, 12:24 IST
 
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