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नौसेना अफसरों पर पत्नियों की अदला-बदली के आरोपों की होगी सीबीआई जांच

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 May 2016, 15:49 IST

सुप्रीम कोर्ट ने आज नौसेना अधिकारियों के बीच हुए पत्नियों की अदला-बदली के मामले की जांच को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का आदेश दिया है.

चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की बेंच ने वरिष्ठ वकील कामिनी जायसवाल की दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा लिया था.

2012 में नौसेना अधिकारी लेफ्टिनेंट रवि किरण की पत्नी ने अपने पति और सीनियर अधिकारियों पर यौन शोषण, मानसिक प्रताड़ना और वाइफ स्वापिंग के गंभीर आरोप लगाए थे.

पीड़ित महिला ने आरोप लगाया था नौसेना के अफसर आपस में पत्नियों की अदला-बदली करते हैं और वह खुद इससे पीड़ित है.

महिला का आरोप है कि 2012 में इसी कारण उनके साथ नौसेना के कुछ अफसरों ने गैंगरेप किया था. 

2013 में दर्ज कराई थी शिकायत


इसके अलावा पीड़ित ने ये भी आरोप लगाया कि उनका पति ऐसे मामले में शामिल है और उसे उन्होंने एक कमांडेंट की पत्नी के साथ खुद आपत्तिजनक स्थिति में देखा था. पीड़ित महिला ने 2013 में इस संबंध में केरल पुलिस के सामने शिकायत दर्ज कराई थी.

वहीं पीड़ित की वकील कामिनी जायसवाल ने कोर्ट से कहा कि चूंकि यह मामला एक स्त्री से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है. इसलिए इस केस की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो से कराए जाने की आवश्यकता है, क्योंकि नौसेना प्रशासन पीड़िता की शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं करके उसका मानसिक शोषण कर रहा है.

जायसवाल की इस दलील पर कोर्ट ने अपनी मुहर लगाते हुए आरोपों की जांच के लिए सीबीआई को आदेश दिया है.

वहीं दूसरी ओर केरल सरकार की ओर नियुक्त सरकारी वकील रमेश बाबू ने इस मामले में सीबीआई जांच का विरोध करते हुए कहा कि पुलिस ने मामले में जांच की है और उसे आरोपों का कोई सबूत नहीं मिला है.

First published: 12 May 2016, 15:49 IST
 
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