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नवजोत सिंह सिद्धू का राज्यसभा से इस्तीफा, आप का थाम सकते हैं दामन

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:48 IST
(पीटीआई)

बीजेपी नेता और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. मोदी सरकार ने बीते अप्रैल में ही सिद्धू सहित 6 अन्य को राज्यसभा के लिए नामित करते हुए सांसद बनाया था.

बताया जा रहा है कि सिद्धू बीजेपी आलाकमान से कुछ नाराज चल रहे थे. उन्हें उम्मीद थी कि बीजेपी अगले साल होने वाले पंजाब चुनाव में मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी बनाएगी, लेकिन बीजेपी ने इसके इतर उन्हें नामित सदस्य के तौर पर राज्यसभा भेजने का फैसला कर लिया.

 

जिसके बाद इस तरह के कयास लगाने जाने लगे कि मोदी सरकार सिद्धू को पंजाब की राजनीति से दूर कर रही है. इस मामले में स्वयं सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने नाराजगी जताई थी.

मुख्य संसदीय सचिव और अमृतसर से पूर्व विधायक नवजोत कौर का मानना था कि पंजाब की राजनीति से दूर रखने के लिए उनके पति को राज्‍यसभा भेजा गया है.

उन्‍होंने कहा कि था कि सिद्धू हमेशा पंजाब के लिए काम करना चाहते हैं. लेकिन राज्‍यसभा जाने के बाद वह पंजाब से दूर हो जाएंगे. नवजोत ने कहा कि सिद्धू ने कभी पार्टी से कुछ भी नहीं मांगा.

आप का थामेंगे दामन!

वहीं सिद्धू के राज्यसभा के लिए नामित किए जाने के बाद कांग्रेस ने भी उन्हें निशाने पर लिया था.

कांग्रेस नेता बलराज ठाकुर ने सिद्धू के नामित किए जाने पर कहा था कि क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिद्धू को राज्यसभा का मानद सदस्य बनाया गया है, इसलिए उन्हें बीजेपी से इस्तीफा दे देना चाहिए.

इसके आगे ठाकुर ने कहा था कि माननीय राष्ट्रपति ने नवजोत सिंह सिद्धू को जिस कैटेगरी में राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किया है उस कैटेगरी में वह लोग आते हैं जिन्होंने, कला, साहित्य, विज्ञान, समाज सेवा के क्षेत्र में विशेष योगदान दिया होता है. यह सदस्यता सम्मान के रूप में दी जाती है और माना जाता है कि इससे राज्य सभा का भी सम्मान बढ़ा है.

बलराज ठाकुर ने कहा कि इस श्रेणी में राजनीति से ऊपर उठकर नामिनेशन होता है, इसलिए नवजोत सिद्धू को इसका ख्याल रखते हुए बीजेपी से इस्तीफा दे देना चाहिए.

वहीं दूसरी ओर सिद्धू के इस्तीफे के पीछे इस तरह के कयास भी लगाए जा रहे हैं कि वह अपने राजनीति की आगे की पारी आम आदमी पार्टी के साथ खेल सकते हैं.

सूत्रों के मुताबिक आप लगातार सिद्धू को अपने खेमे में लाने का प्रयास कर रही है. वजह साफ है. सिद्धू के रूप में उसे पंजाब चुनाव में दांव खेलने के लिए एक मजबूत सिख चेहरा मिल सकता है. ऐसे में सिद्धू अगर आप का दामन थामते हैं, तो हैरानी नहीं होनी चाहिए.

First published: 18 July 2016, 3:29 IST
 
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