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छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सली हमले के बाद गायब 17 जवानों के शव मिले

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 March 2020, 16:09 IST
Naxal Attack (File Photo)

Naxalite attack in Sukma Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले (Sukama District) में शनिवार को हुए बड़े नक्सली हमले (Naxalite Attack) में गायब 17 जवानों के शव मिले हैं. ये सभी जवान शनिवार को नक्सिलों के साथ हुई मुठभेड़ (Encounter) के बाद से गायब थे. बस्तर के आईजी पुलिस सुंदरराज पी ने सभी लापता जवानों के शव मिलने की पुष्टि की है. इस हमले में घायल सभी 14 जवानों को रायपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इनमें से कुछ जवानों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को अस्पताल जा कर इन घायल जवानों से मुलाकात की.

बता दें कि शनिवार की दोपहर सुकमा जिले के चिंतागुफा थाना के कसालपाड़ और मिनपा के बीच माओवादियों ने सुरक्षाबलों की एक बड़ी टुकड़ी पर हमला बोला था. इस हमले के बाद से 17 जवानों के लापता हो गए थे. रविवार सुबह तक इन जवानों का पता नहीं चल पाया था.

उसके बाद सेना ने रविवार को मुठभेड़ वाले इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया. जिसके बाद लापता जवानों में से 12 के शव मौके से बरामद किए गए. संदिग्ध माओवादी इन जवानों से यूबीजीएल समेत कई अत्याधुनिक हथियार भी लूट कर ले गए. बता दें कि छत्तीसगढ़ में इस साल का ये सबसे बड़ा माओवादी हमला है. पुलिस का कहना है कि घने जंगल होने के कारण रविवार को पूरे हालातों का पता चल सका. पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार बस्तर में इन दिनों माओवादियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार' नाम से विशेष अभियान चलाया जा रहा है.

इसी अभियान के तहत शुक्रवार को एसटीएफ और डीआरजी के जवानों की एक टीम दोरनापाल से निकली थी. बुरकापाल में इस टीम में सीआरपीएफ़ के जवान भी शामिल हुए. शनिवार की दोपहर चिंतागुफा थाना के कसालपाड़ और मिनपा के बीच संदिग्ध माओवादियों ने सुरक्षाबलों की इस टीम पर उस समय हमला बोल दिया. पुलिस के अनुसार संदिग्ध माओवादियों ने सुरक्षाबलों की टीम को चारों तरफ से घेर कर कोराज डोंगरी की पहाड़ी के ऊपर से जवानों पर हमला बोल दिया.

दोनों ओर से कई घंटे तक गोलियां चलती रहीं. इस हमले में कुछ जवान घायल हो गए जिन्हें अन्य जवानों ने घटनास्थल से बाहर निकाल लिया और एयरलिफ्ट कर रायपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. इन घायलों में से कम से कम 2 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है. बता दें कि कसालपाड़ में ही दिसंबर 2014 में माओवादियों के हमले में सीआरपीएफ की 223वीं बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट और डिप्टी कमांडेंट समेत 14 जवान शहीद हो गए थे.

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First published: 22 March 2020, 15:57 IST
 
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