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NCERT ने किताबों में महाराणा प्रताप और शिवाजी की गौरवगाथा में किया इजाफा

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 March 2018, 11:41 IST

एनसीईआरटी ने राजपूत राजा महाराणा प्रताप और मराठा शासक छत्रपति शिवाजी को लेकर सातवीं कक्षा की इतिहास पाठ्यपुस्तक में और भी अधिक सामग्री जोड़ दी है. पाठ्यपुस्तक के पिछले संस्करण की शिवसेना और हिंदू जनजागृती समिति (एचजेएस)ने आलोचना की थी. उनका कहना था कि पाठ्यक्रम में मुगल सम्राटों की महिमा और हिंदू राजाओं की अनदेखी की गई है.

2007 के बाद से पहला रिव्यू एनसीईआरटी द्वारा पिछले वर्ष किया गया था. यह एक स्वायत्त संस्था है जो एचआरडी मंत्रालय को स्कूल शिक्षा पर सलाह देती है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार एनसीईआरटी के निदेशक ऋषिकेश सेनापट्टी का कहना है कि सभी संशोधित पाठ्यपुस्तकों को प्रिंटिंग के लिए भेज दिया गया है और नए संस्करणों के इस महीने के अंत तक बाजार तक पहुंचने की संभावना है.

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पिछले साल शिवसेना और हिंदू जनजागृती आयोग ने महाराष्ट्र सरकार से इसमें बदलाव की अपील की थी. शिवसेना का कहना था कि इन किताबों में शिवाजी और महाराणा प्रताप पर पर्याप्त सामग्री उपलब्ध नहीं है लेकिन इसमें मुगल शासकों पर कई पेज हैं.

एचजेएस ने अपनी याचिका में कहा था कि पाठ्यपुस्तक में शिवाजी कोई तस्वीर नहीं है. जबकि बाबर और उनके वंशजों की तस्वीरें इसमें शमिल हैं. एचजेएस की स्थापना 2002 में हिंदू राष्ट्र की स्थापना के मकसद से की गई थी. रिपोर्ट के अनुसार टेक्स्टबुक में शिवाजी पर अध्याय 3 और 10 में (मराठा शासकों के खंड के तहत) मराठा शसकों की गोरिल्ला युद्ध, रणनीति पर और 100 शब्द हैं. जिसमे एक मजबूत मराठा साम्राज्य की नींव पर लिखा गया है लेकिन इसमें शिवाजी का एक भी चित्र नहीं है.

गृह मंत्री राजनाथ सिंह कई अवसरों पर कह चुके हैं कि राजपूत योद्धाओं को इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला है और इतिहासकारों को महाराणा के योगदान का पुनः मूल्यांकन करना चाहिए.एनसीईआरटी पाठ्यक्रम का पहला संस्करण 2007 में मुद्रित हुआ था. पाठ्य पुस्तक को एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक विकास समिति द्वारा तैयार किया गया था. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे के 2005 में तैयार किए जाने के बाद यह एनसीईआर पाठ्यपुस्तकों की पहली व्यापक समीक्षा है.

इससे पहले पाठ्यक्रमों में एनडीए सरकार के कार्यक्रमों स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढाओ, डिजिटल इंडिया और नोटबंदी को भी अलग-अलग पाठ्यक्रमों में शामिल किया गया है. उदाहरण के लिए जीएसटी को कक्षा इलेवन अर्थशास्त्र पाठ्यपुस्तक के अध्याय 3 में शामिल गया है.

First published: 5 March 2018, 11:40 IST
 
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