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अवॉर्ड वापसी में लेखकों और संस्कृतकर्मियों की संख्या 40 नहीं उससे ज़्यादा है

चारू कार्तिकेय | Updated on: 7 February 2017, 7:41 IST
(आर्या शर्मा/कैच न्यूज़)

केंद्र सरकार का मानना है कि वर्ष 2015 में जब 'पुरस्कार वापसी' अभियान चलाया गया था, तब लगभग 40 लेखकों ने अपने पुरस्कार लौटाए थे. हालांकि, यह संख्या केवल उनकी है जिन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया था. पुरस्कार लौटाने वाले लोगों की पूरी संख्या देखी जाए तो वह कहीं ज्य़ादा है. केन्द्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने लोकसभा में बताया है कि इन लेखकों ने यह कहते हुए अपने पुरस्कार लौटाए थे कि उनकी अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला किया जा रहा है और अकादमी इस मुद्दे पर चुप है.

शर्मा ने यह भी कहा कि पिछले तीन सालों में 39 लेखकों ने साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाए हैं. अकादमी ने इस अवधि में कुल 280 पुरस्कार बांटे थे. पुरस्कार वापसी के बाद अकादमी ने 23 अक्टूबर 2015 तथा इसके बाद 17 दिसम्बर को एक अन्य बैठक बुलाई थी. इन बैठकों में एक प्रस्ताव पारित कर पुरस्कार लौटा चुके लेखकों से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया गया था. इस अनुरोध को केवल एक लेखक राजस्थान के नन्द भारद्वाज ने स्वीकार किया था और पुरस्कार लौटाने का अपना निर्णय वापस लिया था.  

असहिष्णुता था मुद्दा

उल्लेखनीय है कि प्रख्यात लेखक और साहित्य अकादमी बोर्ड के सदस्य एमएम कलबुर्गी की हत्या और दादरी में एक मुस्लिम की हत्या की घटना की पृष्ठभूमि में बने ‘असहिष्णु वातावरण’ पर अकादमी की कथित चुप्पी के विरोध में हाल ही में कई लेखकों, कवियों ने अपने पुरस्कार लौटाए थे. यहां पुरस्कार लौटाने वाले सभी 39 लेखकों की सूची पेश की जा रही है जिसे अकादमी ने सहेज कर रखा हुआ है.

हिन्दी

1-उदय प्रकाश

2-अशोक वाजपेयी

3-कृष्णा सोबती

4-मंगलेश डबराल

5-काशीनाथ सिंह

6-राजेश जोशी

अंग्रेजी

7-जीएन देवी

8-नयनतारा सहगल

9-केकी दारुवाला

गुजराती

10-अनिल जोशी

पंजाबी

11-वारयाम सिंह संधु

12-सुरजीत पतर

13-जसविन्दर

14-गुरुवचन भुल्लर

15-आत्मजीत

16-बल्देव सिंह

17-दर्शन बुट्टर

18-अजमेर सिंह औलाख

19-मोहन भंडारी

राजस्थानी

20-नन्द भारद्वाज

21-अम्बिका दत्त

कन्नड़

22-कुम वीरभद्रप्पा

23-रहमत टारिकेरे

24-देवनुरु महादेवा

कश्मीरी

25-गुलाम नबी ख्याल

26-मरगूब बनिहाली

उर्दू

27-मुनव्वर राणा

28 खलील मामून

मलयालम

29-सारा जोसेफ

असमी

30-होमेन बोरगोहेन

31-निरुपमा बोरगोहेन

तेलगु

32-कात्यायिनी विदमाहे

अनुवाद में पुरस्कार

हिन्दी

33-चमन लाल

कन्नड़

34-जीएन रंगनाथराव

मराठी

35-इब्राहिम अफगान

युवा पुरस्कार

अंग्रेजी

36-अमन सेठी

पंजाबी

37-परगट सिंह सताउज

बाल साहित्य पुरस्कार

तेलुगू

38-एम भूपाल रेड्डी

गोल्डन जुबली अवार्ड

39-मन्दक्रान्ता सेन

फिल्मी कलाकारों ने भी लौटाए थे अवॉर्ड

हालांकि, यह सूची पूरी सूची नहीं है जिन्होंने पुरस्कार वापसी अभियान चलाए जाने के बाद से अपने पुरस्कार लौटाए थे. अन्य लोगों ने भी अपने पुरस्कार लौटाए थे जिन्होंने अकादमी ने नवाजा था. इनमें कई फिल्म निर्माता और कलाकारों के नाम भी हैं. इनमें से कुछ नाम निम्नवत हैं-

1-अरुंधति राय- उन्होंने अपना राष्ट्रीय पुरस्कार लौटाया था जो उन्हें फिल्म –इन विच ऐनी गिव्स इट दोज वन्स- में बेस्ट स्क्रीनपले के लिए 1989 में मिला था.  

2-कुंदन शाह ने फिल्म –जाने भी दो यारों- के लिए मिला अपना राष्ट्रीय पुरस्कार लौटाया था.

3- सईद मिर्जा

4-दिबाकर बनर्जी

5-आनन्द पटवर्धन

6-दीपांकर बनर्जी

7-परेश कामदार

8-निशिता जैन

9-कीर्ती नखावा

10-हर्षवर्द्धन कुलकर्णी

11-हरि नैय्यर

12-राकेश शर्मा

13-इंद्रनील लहरी

14-लिपिका सिंह दराई

15-विक्रान्त पवार

16-राकेश शुक्ला

17-प्रतीक वत्स

18-सिनेमाटोग्राफर वीरेन्द्र सैनी

19-अजय रैना

20-सिनेमाटोग्राफर रंजन पालित

21-सिनेमाटोग्राफर मनोज लोबो

22-फिल्म मेकर तपन बोस

23-फिल्म निर्माता संज काक

24- फिल्म निर्माता मधुश्री दत्ता

25- फिल्म निर्माता प्रदीप कृष्ण

26-विवेक सच्चिदानन्द

27-पीएम सतीश

28-फिल्म सम्पादक इरन धर मलिक

29-सिनेमाटोग्राफर सत्यराज नागपाल

30-फिल्म निर्माता श्रीप्रकाश

31-सिनेमाटोग्राफर सुधाकर रेड्डी

32-रफीक इलयास

33-फिल्म निर्माता अमिताभ चक्रवर्ती

34-मैथिल फिल्म निर्माता तरुण भारतीय

35-डॉक्य़ूमेन्ट्री निर्माता अनवर जमाल

36-सिनेमाटोग्राफर सुधीर पालसाने

37-सिनेमाटोग्राफर अभिमन्यु डांगे

38-फिल्म निर्माता मनोज निथरवाल

First published: 7 February 2017, 7:41 IST
 
चारू कार्तिकेय @CharuKeya

Assistant Editor at Catch, Charu enjoys covering politics and uncovering politicians. Of nine years in journalism, he spent six happily covering Parliament and parliamentarians at Lok Sabha TV and the other three as news anchor at Doordarshan News. A Royal Enfield enthusiast, he dreams of having enough time to roar away towards Ladakh, but for the moment the only miles he's covering are the 20-km stretch between home and work.

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