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भ्रष्टाचार पर नया कानून लाई सरकार- रिश्वत लेना ही नहीं देना भी है जुर्म, होगी इतने साल की सजा

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 July 2018, 12:01 IST

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अब सरकार ने लोकसभा में भ्रष्टाचार निरोधक संशोधन बिल पास कर दिया है. ये बिल पहले ही राज्यसभा से पास हो चुका है. इस बिल पर अब केवल राष्ट्रपति की मुहर लगनी बाकी है. इस बिल के लागू होने पर अब रिश्वत लेना ही नहीं बल्कि रिश्वत देना भी अपराध है. रिश्वत देते पकड़े जाने पर सात साल की सजा हो सकती है. हालांकि इस नए बिल में ये प्रावधान भी है कि रिश्वत देते पकड़े जाने के बाद आपको अपनी सफाई देने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा.

उम्मीद है कि इस बिल के बाद से भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सकेगी. और साथ ही साथ ये ईमानदार कर्मियों के लिए फायदेमंद साबित होगा. लोकसभा में इस भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) विधेयक को ध्वनिमत से ही पास कर दिया गया. इसके पैहले राज्यसभा में ये पिछले हफ्ते ही पास हो चुका था. इस विधेयक में 1988 के मूल कानून को संशोधित करने का प्रावधान है.

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इस विधेयक पर चल रही चर्चा के दौरान राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा, ''2014 में वर्तमान सरकार के सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शासन का मूलभूत मंत्र दिया था, न्यूनतम सरकार अधिकतम शासन.'' आगे उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि ईमानदार अधिकारीयों को कोई न उठानी पड़े.

चर्चा के दौरान लोकपाल की नियुक्ति के मुद्दे पर सवाल पूछे जाने पर जितेन्द्र सिंह ने कहा कि इस बारे में बात चल रही है. इस मामले में सर्च कमेटी बनाने को लेकर 19 जुलाई को बैठक हुई. लोकपाल की नियुक्ति में हो रही देरी के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होने कहा, ‘लेकिन इस देरी का कारण सत्तारूढ़ दल नहीं बल्कि कांग्रेस पार्टी है. सदन में विपक्ष के नेता के लिए जरूरी संख्या में सीटें उसके पास नहीं हैं.’

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First published: 25 July 2018, 12:01 IST
 
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