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किसान, महिलाओं और कारोबारियों के लिए पीएम मोदी ने योजनाओं की घोषणा की

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 December 2016, 20:54 IST

नए साल की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने शायर अल्लामा इक़बाल के एक मशहूर शेर की एक लाइन पढ़ी. उन्होंने कहा, 'कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी.' इसके बाद उन्होंने नोटबंदी की वजह से हुई तकलीफ़ों के कारण देशवासियों को शुक्रिया कहा. 

उन्होंने कहा, 'इन दिनों करोड़ों देशवासियों ने जिस धैर्य, अनुशासन और संकल्प शक्ति के दर्शन कराए हैं, अगर आज लाल बहादुर शास्त्री, जयप्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया या कामराज होते तो देश को आशीर्वाद देते. ये देश के लिए शुभ संकेत हैं कि नागरिक मुख्यधारा में वापस आना चाहते हैं. लोगों ने कानून का पालन किया है. ये अप्रत्याशित है. और सरकार इसका स्वागत करती है.'

उन्होंने आगे कहा, 'हिंदुस्तान ने जो कर दिखाया, वैसा दुनिया में कोई और उदाहरण नहीं है. पिछले कुछ वर्षों में 500 और 1000 के नोट सामान्य रूप से कम और पैरेलल इकोनॉमी में ज्यादा चल रहे थे. हमारे समकक्ष देशों की इकोनॉमी में भी इतना कैश नहीं होता. 

हमारी इकोनॉमी में ये नोट महंगाई, कालाबाजारी बढ़ा रहे थे और देश के गरीब से उसका अधिकार छीन रहे थे. अर्थव्यवस्था में कैश का अभाव तकलीफदेह है लेकिन हम ये भी ना भूलें कि कैश का असर और तकलीफदेह होता है. हमारा प्रयास है कि इसका संतुलन बना रहे'.  

निम्न एवं मध्यम वर्ग के लिए घर की स्कीम

इस मौक़े पर उन्होंने कुछ योजनाओं की घोषणा भी की. उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब, निम्न मध्यमवर्ग और मध्यम वर्ग के लिए शहरों में घर देने के लिए दो नई स्कीम बनाई गई हैं. 2017 में घर बनाने के लिए 9 लाख रुपए तक के कर्ज पर ब्याज में 4 प्रतिशत की छूट मिलेगी जबकि 12 लाख रुपए तक के कर्ज पर ब्याज में 3 प्रतिशत की छूट दी जाएगी. 

किसानों के कर्ज़ में कटौती

किसानों के लिए उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में रबी की बुवाई में 6 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. फर्टिलाइजर में भी 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. लिहाज़ा, डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक और प्रायमरी सोसायटी से जिन किसानों ने बुवाई के लिए कर्ज लिया था, उस कर्ज के 60 दिन का ब्याज सरकार वहन करेगी और किसानों के खातों में ट्रांसफर करेगी. 

उन्होंने आगे कहा, नाबार्ड ने पिछले महीने 21 हजार करोड़ की व्यवस्था की थी. सरकार इसे दोगुना करते हुए इसमें 20 हजार करोड़ रुपए और जोड़ रही है. इसे नाबार्ड कम ब्याज पर लोन देगा और नाबार्ड को होने वाले नुकसान को सरकार वहन करेगी. 

इसके अलावा उन्होंने कहा, अगले तीन महीने में तीन करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड को रुपए कार्ड में बदला जाएगा. किसान क्रेडिट कार्ड में एक कमी यह थी कि पैसे निकालने के लिए बैंक जाना पड़ता था. अब जब किसान क्रेडिट कार्ड को रुपए कार्ड में बदला जाएगा तो किसान कहीं पर भी अपने कार्ड से खरीद-बिक्री कर पाएगा. 

एसएमई के टैक्स में कटौती

लघु और मध्यम उद्योग के लिए उन्होंने कहा कि जो कारोबारी साल में दो करोड़ रुपए तक का कारोबार करते हैं, उनके टैक्स की गणना 8 प्रतिशत आय को मानकर की जाती थी. अब वे डिजिटल लेनदेन करेंगे तो 6 प्रतिशत आय मानी जाएगी. इस तरह उनका टैक्स काफी कम हो जाएगा.

उन्होंने कहा कि सरकार ने तय किया है छोटे कारोबारियों के लिए क्रेडिट गारंटी 1 करोड़ रुपए से बढ़ाकर दो करोड़ रुपए की जाएगी. भारत सरकार एक ट्रस्ट के जरिए बैंकों को यह गारंटी देती है कि आप छोटे व्यापारियों को लोन दीजिए, गारंटी हम लेते हैं. अभी तक एक करोड़ रुपए तक का लोन कवर किया जाता था. अब दो करोड़ रुपए तक का लोन क्रेडिट गारंटी से कवर होगा. इससे छोटे दुकानदार, छोटे उद्योगों को मिलेगा. 

पीएम ने बताया कि बैंकों से कहा गया है कि छोटे उद्योंगों के लिए कैश क्रेडिट लिमिट 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करें. डिजिटल ट्रांजैक्शन पर वर्किंग कैपिटल लोन 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने को कहा गया है.

वरिष्ठ नागरिकों के ब्याज में बढ़ोतरी

मोदी ने बताया कि सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी एक स्कीम शुरू करने जा रही है. बैंक में ज्यादा पैसा आने पर अक्सर डिपॉजिट पर ब्याज घट जाता है. वरिष्ठ नागरिकों पर इसका प्रभाव न हो. इसके लिए साढ़े सात लाख रुपए की राशि पर 10 साल के लिए सालाना आठ प्रतिशत ब्याज सुरक्षित किया जाएगा. ब्याज की यह राशि नागरिक हर महीने प्राप्त कर सकेंगे.

गर्भवती महिलाओं को प्रोत्साहन राशि

मोदी ने कहा कि सरकार गर्भवती महिलाओं के लिए देशव्यापी योजना की शुरुआत की जा रही है. देश के सभी 650 से ज्यादा जिलों में सरकार गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में डिलिवरी, टीकाकरण और पौष्टिक आहार के लिए छह हजार रुपए की मदद देगी. ये राशि सीधे उनके खाते में जमा होगी. देश में माता मृत्यु दर को कम करने में इस योजना से बड़ी सहायता मिलेगी. अभी सिर्फ चार हजार रुपए की मदद 53 जिलों में महिलाओं को दी जा रही है.

First published: 31 December 2016, 20:54 IST
 
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