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कोयला खदानों को लेकर मुश्किल में पड़ी मेघालय सरकार, NGT ने लगाया 100 करोड़ का जुर्माना

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 January 2019, 10:42 IST

भारत के उत्तर पूर्व राज्य मेघालय की एक कोयला खदान में करीब 20 दिनों से फंसे मजदूरों को खदान से न निकाल पाने को लेकर देश भर में राज्य सरकार की आलोचना हो रही है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी मेघालय सरकार को फटकार लगाते हुए सरकार के बचाव कार्य से संतुष्ट न होने की बात कही है. इसी के साथ अब राज्य में कोयला खादानों में अवैध खनन को लेकर NGT (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) भी सख्त हो गयी है.

NGT ने मेघालय सरकार पर कोयला खनन रोक पाने में असफल होने की वजह से 100 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. ये आदेश रिटायर्ड न्यायमूर्ति बीके कटके की अध्यक्षता वाली न्यायिक पैनल की एक रिपोर्ट के बाद दिया गया है जिसमे ये बताया गया है कि मेघालय में कोयला खनन पर लगे प्रतिबंध का उल्लंघन बड़े पैमाने पर किया जा रहा है.

गौरतलब है कि राज्य के एक कोयला खदान में बीते 20 दिनों से मजदूर फंसे हुए हैं. जिन्हें अभी तक खदान से बाहर नहीं निकाला जा सका है. 370 फ़ीट से ज्यादा गहरी इस कोयला खदान में पानी भरने से फंसे मजदूरों को बचाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. इस दुर्घटना के बारे में प्रशासन का कहना है कि जब मजदूर कोयला निकालने के लिए खदान में उतरे तो पास से गुजर रही नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से खदान में पानी भर गया और मजदूर अंदर ही फंस गए.

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बचाव कार्यों में अभी तक मजदूरों को बाहर नहीं निकाला जा सका है. 20 दिनों से कोशिश करने के बाद अब जाकर बचाव टीम पानी निकालने के लिए छोटी की बजाय बड़ी मोटर का इस्तेमाल करने की तैयारी है. इसी बीच एनजीटी कमेटी ने दो दिन पहले ही अपनी रिपोर्ट सौंपी है. इस रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया है कि राज्य में बड़ी मात्रा में खदाने बगैर लीज़ और लाइसेंस की चलाई जा रही हैं.

 

First published: 5 January 2019, 7:51 IST
 
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