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श्रीश्री रविशंकर को एनजीटी का नोटिस, क्यों न अवमानना की कार्यवाही हो

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 May 2016, 15:26 IST
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर के खिलाफ नोटिस जारी किया है. एनजीटी ने रविशंकर से सवाल पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ अदालत के अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाए.

दरअसल श्रीश्री की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन ने दिल्ली में यमुना के किनारे सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराया था. एनजीटी के मुताबिक इस कार्यक्रम से यमुना के डूब क्षेत्र को स्थायी नुकसान पहुंचा है. जिसको लेकर आर्ट ऑफ लिविंग पर पांच करोड़ का जुर्माना लगाया गया था.
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'राजनीतिक मंशा से जुर्माना'


श्रीश्री रविशंकर की संस्था ने अब तक जुर्माने की पूरी रकम अदा नहीं की है. एनजीटी ने इस मामले में उनसे 25 मई तक जवाब मांगा है.

आरोप है कि हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान श्रीश्री रविशंकर ने कहा था कि उनके ऊपर जो जुर्माना लगाया गया, वो राजनीतिक मंशा से था.

रविशंकर ने पहले हर्जाना भरने से इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में जुर्माने की 25 लाख की रकम चुकाते हुए बाकी राशि एक अप्रैल तक भरने का वादा किया गया था.
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पांच करोड़ का लगा था जुर्माना


आज तक आर्ट ऑफ लिविंग ने ये पैसा नहीं चुकाया है. फाउंडेशन ने एनजीटी से अपील की थी कि वो बकाया राशि की बैंक गारंटी ले ले.

पर्यावरण मामले से जुड़े वकीलों के मुताबिक एनजीटी ने पहले कभी ऐसी छूट नहीं दी है. चार अप्रैल को हुई सुनवाई में एनजीटी ने इस मांग को न तो स्वीकार किया, न ही खारिज किया.

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एनजीटी एक्ट की धारा 17 के अनुसार पर्यावरण को विशेष क्षति पहुंचती है, तो उसकी भरपायी के लिए हर्जाना लगाया जा सकता है.

एनजीटी के फैसले से कुछ हफ्ते पहले विशेषज्ञों के एक पैनल ने कहा था कि आर्ट ऑफ लिविंग पर पर्यावरण को हुए नुकसान के लिए करीब 120 करोड़ रुपये का हर्जाना लगाया जाना चाहिए.
First published: 10 May 2016, 15:26 IST
 
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