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श्रीश्री रविशंकर को एनजीटी से झटका, बैंक गारंटी से जुर्माना भरना नामंजूर

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:50 IST
(फाइल फोटो)

आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) से झटका लगा है. एनजीटी ने दिल्ली में यमुना के किनारे हुए कार्यक्रम पर लगाए जुर्माने को बैंक गारंटी के जरिए अदा करने की आर्ट ऑफ लिविंग की अपील खारिज कर दी है.

मर्च में यमुना के किनारे श्रीश्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग ने भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया था. एनजीटी ने विवादों के बावजूद यमुना नदी के बाढ़ क्षेत्र में आर्ट ऑफ लिविंग के इस तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम को हरी झंडी दे दी थी. 

सात दिन में जुर्माना भरने का आदेश

साथ ही एनजीटी ने इस मामले में आर्ट ऑफ लिविंग पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए आदेश दिया है कि वो पहले लगाए जुर्माने के बकाया चार करोड़ 75 लाख रुपये एक हफ्ते के अंदर जमा करे.

दिल्ली में यमुना किनारे हुए वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल के दौरान नियमों की अनदेखी पर श्रीश्री की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग पर पांच करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था. संस्था ने जुर्माने के केवल 25 लाख रुपये ही जमा किए. इसके बदले बैंक गारंटी देने की बात कही गई.

मामले की सुनवाई के दौरान एनजीटी ने आर्ट ऑफ लिविंग की इस दलील को खारिज कर दिया और कहा कि आपको प्रोग्राम करने की इजाजत इसी शर्त पर दी गई थी कि आप रकम समय पर चुकाएंगे. लेकिन आप रकम चुकाने के बजाय अपने वादे से मुकर गए और फिर ये रकम न चुकानी पड़े उसके लिए आपने ढेरों याचिकाएं दाखिल कर दीं.

जुर्माने का 4.75 करोड़ रुपये बकाया

साथ ही एनजीटी ने इस मामले में पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के रूप में आर्ट ऑफ लिविंग पर पांच करोड़ रुपये का जुर्माना ठोका था. एनजीटी ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) पर पांच लाख रुपये और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था.

पढ़ें: श्रीश्री रविशंकर को एनजीटी का नोटिस, क्यों न अवमानना की कार्यवाही हो

श्रीश्री रविशंकर की संस्था ने इस मामले में पूरा जुर्माना अदा नहीं किया था. रविशंकर ने पहले हर्जाना भरने से इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में जुर्माने की 25 लाख की रकम चुकाते हुए बाकी राशि एक अप्रैल तक भरने का वादा किया था. 

मार्च में था सांस्कृतिक कार्यक्रम

आज तक आर्ट ऑफ लिविंग ने बकाया जुर्माना नहीं चुकाया है. फाउंडेशन ने एनजीटी से अपील की थी कि वो बकाया राशि की बैंक गारंटी ले ले. एनजीटी एक्ट की धारा 17 के अनुसार अगर पर्यावरण को विशेष क्षति पहुंचती है, तो उसकी भरपायी के लिए हर्जाना लगाया जा सकता है. एनजीटी के फैसले से कुछ हफ्ते पहले विशेषज्ञों के एक पैनल ने कहा था कि आर्ट ऑफ लिविंग पर पर्यावरण को हुए नुकसान के लिए करीब 120 करोड़ रुपये का हर्जाना लगाया जाना चाहिए.

एनजीटी ने आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर के खिलाफ नोटिस भी जारी किया था. जिसमें सवाल पूछा गया कि क्यों न उनके खिलाफ अदालत के अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाए. दरअसल एक इंटरव्यू के दौरान रविशंकर ने कहा था कि उनके खिलाफ जो जुर्माना लगाया गया था वो राजनीतिक मंशा से प्रेरित था.

First published: 31 May 2016, 12:09 IST
 
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