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मुजफ्फरनगर-शामली: हिंदुओं के पलायन पर यूपी सरकार को मानवाधिकार आयोग का नोटिस

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 June 2016, 19:28 IST
(पत्रिका)

संवेदनशील मुजफ्फरनगर से सटे कैराना क्षेत्र से कथित तौर पर हिंदुओं के पलायन की खबरों ने हलचल पैदा कर दी है. घटना सामने आने के बाद इस पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मानवाधिकार आयोग ने यूपी सरकार को नोटिस जारी किया है. आयोग ने इस मामले पर सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

जानकारी के अनुसार मानवाधिकार आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन और पुलिस महानिदेशक जाविद अहमद को नोटिस जारी कर यथास्थिति की जानकारी मांगी है. मानवाधिकार आयोग ने भी अपना जांच अधिकारी नियुक्त करके अलग से सच्चाई की जांच करने की बात कही है.

बता दें कि कैराना मुजफ्फरनगर के पास शामली जिले का क्षेत्र है. इस क्षेत्र में तीन साल पहले बड़े पैमाने पर हिन्दू-मुस्लिम दंगे भड़क गए थे. इन दंगों में कई लोगों की जान गई थी. दंगों के कारण लोगों को लम्बे समय तक अपना घर-बार छोड़कर तम्बू और अस्थायी आवासो में रहना पड़ा था. सपा सरकार की इस मामले में बहुत बदनामी हुई थी.

क्या है मामला

कैराना के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री हुकुम देव सिंह ने मीडिया के सामने अपने गृह क्षेत्र से हिंदुओं के पलायन की बात कह कर देश के राजनीतिक गलियारे में हलचल मचा दी है.

हुकुम देव सिंह के मुताबिक उनके क्षेत्र से लगभग 350 हिन्दू परिवार मुस्लिमों की हिंसा और हमले से डर कर अपना घर बार छोड़कर जा चुके हैं. उनमें से कुछ के घरों पर ताले लटक रहे हैं तो कुछ के घरों-दुकानों पर बदमाशों ने कब्जा जमाना शुरू कर दिया है.

भाजपा सांसद हुकुम देव सिंह ने बताया कि कैराना में मुस्लिम असमाजित तत्व चुन-चुन कर हिन्दू व्यापारियों से अवैध वसूली करते हैं और पैसे न देने पर दिन दहाड़े गोली मार देते हैं.

हुकुम सिंह के मुताबिक कैराना क्षेत्र के दो सगे भाइयों की हत्या इसी कारण हुई थी. उन्होंने कहा कि जब इसके खिलाफ स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की गयी तो पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया.

उन्होंने बताया कि क्षेत्र की हिन्दू युवतियों से बलात्कार करके उन्हें जान से मार देने की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन प्रशासन कुछ भी करने को तैयार नहीं है. मथुरा मामले की आंच झेल रही अखिलेश सरकार को इस मामले में बड़ा नुकसान होने का डर है. फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया में सपा सरकार के लिए किरकिरी का सबब बन गया. हालांकि सपा ने इन खबरों को राजनीति से प्रेरित बताया है.

भाजपा ने क्या कहा

प्रदेश सरकार पर साम्प्रदायिक राजनीति का आरोप लगाते हुए भाजपा ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर एक प्रतिनिधिमण्डल शीघ्र ही कैराना भेजेगी. उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले में किसी तरह का समझौता नहीं करेगी.

एसपी के नेतृत्व में जांच दल गठित

कैराना क्षेत्र से हिंदुओं के पलायन की खबरें मीडिया में आने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. जानकारी के अनुसार शामली जिले के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट सुजीत कुमार ने एक एसडीएम और एक एसपी के नेतृत्व में जांच दल गठित किया है, जो मामले की तहकीकात कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा.

कैराना से भाजपा सांसद हुकुम देव सिंह ने केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर उन्हें इस बाबत जानकारी दी थी कि उनके क्षेत्र में हिंदुओं को प्रताड़ित किया जा रहा है जिसके कारण करीब 350 हिंदू परिवार घरा-बार छोड़कर पलायन कर गए हैं. मुस्लिम समाज के असमाजिक तत्व हिंदुओं से जबरदस्ती पैसा वसूल रहे हैं जिसे न देने पर उनकी हत्या तक कर दी जाती है.

उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि हिन्दू व्यापारियों को कौड़ियों के मोल उनकी दुकानें और संपत्तियां बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है.

हुकुम देव सिंह के अनुसार क्षेत्र में व्याप्त इस दहशत के कारण लगभग 346 परिवार क्षेत्र छोड़कर जा चुके हैं. राष्ट्रीय मीडिया में यह मुद्दा छा जाने से सपा सरकार की बहुत बदनामी हुई है.

मानवाधिकार आयोग और भाजपा के जांच दल जाएगा कैराना

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने हुकुम सिंह की शिकायत को स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले पर जांच के आदेश दे दिए है. आयोग ने इस मामले पर उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. वहीं प्रदेश की भाजपा इकाई ने भी अपना एक प्रतिनिधि मण्डल भेजकर मामले की जांच कराने की बात कही है. बीजेपी का जांच दल भी शनिवार को कैराना पहुंच सकता है.

First published: 11 June 2016, 19:28 IST
 
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