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NIA ने किया IS के मॉड्यूल का भंडाफोड़, बेंगलुरू से दो लोगों को किया गिरफ्तार

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 October 2020, 7:26 IST

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को बड़ी कामयाबी मिली है. एनआईए ने तथाकथित इस्लामिक स्टेट (IS) के एक मॉड्यूज का भंडाफोड़ करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है. बुधवार को बेंगलुरू से गिरफ्तार किए गए इन दोनों लोगों की पहचान 40 वर्षीय अहमद अब्दुल कादिर (Abdul Kadir) और 33 वर्षीय इरफान नासिर (Irfan Nasir) के रूप में हुई है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Invetigation Agency) को अपनी जांच में इस बात का पता चला कि बेंगरुलू (Bengaluru) से साल 2013-14 में कम से कम 13-14 लोग इराक और सीरिया गए थे. ऐसा माना जाता है कि उनमें से दो आईएस के लिए लड़ते हुए सीरिया में मारे गए, जबकि कुछ कथित तौर पर मोहभंग होने पर 2014 में चुपचाप भारत लौट आए.

बताया जा रहा है कि इनमें से कई अभी भी फरार हैं. सूत्रों का कहना है कि एनआईए ने मॉड्यूल (IS Module) के सभी सदस्यों की पहचान कर ली है और उनकी गतिविधियों के बारे में जांच की जा रही है, जो कादिर और नासिर के संपर्क में थे. बताया जा रहा है कि गिरफ्तार किए गए संदिग्धों में से कादिर एक बैंक का व्यापार विश्लेषक है वहीं नासिर अपने परिवार का व्यवसाय चलाता है. इन्होंने ने कथित तौर पर मॉड्यूल के अधिकांश सदस्यों को कट्टरपंथी बनाया और कम से कम पांच सदस्यों की यात्रा के लिए फंडिंग भी की. बेंगलुरु की विशेष एनआईए अदालत ने दोनों को पूछताछ के लिए 10 दिन की हिरासत में भेजा है.


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बता दें कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी को अगस्त में बेंगलुरु से पकड़े नेत्र चिकित्सक अब्दुल रहमान से पूछताछ में इनके बारे में इनपुट मिले थे. कादिर, नासिर और उनके कुछ सहयोगी हिज्ब यूटी-तहरीर (हूटी) के सदस्य थे. इन्होंने बाद में कुरान सर्कल नाम का एक समूह बनाया और लोगों को कट्टरपंथी बनाकर चंगुल में फंसाया. बता दें कि इससे पहले एक बड़ा 22 सदस्यीय मॉड्यूल साल 2016 में केरल के कासरगोड और पलक्कड़ जिलों से इराक और सीरिया की यात्रा पर गया था.

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यह भारत से इस इलाके की यात्रा करने वाला सबसे बड़ा समूह माना जाता है. अधिकारियों के मुताबिक, कई गुर्गों ने साल 2014 से इराक, सीरिया और अफगानिस्तान में आईएस के कब्जे वाले इलाकों की यात्रा की थी. बता दें कि आईएस ने साल 2014 में इराक और सीरिया पर हमला किया था. इराक ने 2017 में यह घोषणा की थी कि उसने इस्लामिक स्टेट पर जीत दर्ज कर ली है. वहीं 2019 में सीरिया में अमेरिकी समर्थित सेना ने भी यह दावा किया कि उन्होंने आईएस को मात दे दी है.

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First published: 9 October 2020, 7:26 IST
 
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