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हैदराबाद में आईएस के संदिग्धों की क्या है हकीकत?

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 July 2016, 8:01 IST
QUICK PILL
  • एनआईए ने हैदराबाद में आईएस से संबंधों के आरोप में जिन पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है उनमें से दो सगे भाई हैं. इनमें से एक मोहम्मद इब्राहिम यजदान उर्फ इब्बू को कथित रूप से आईएस का नेता बताया गया है
  • भारत में शफी अरमार नामक व्यक्ति को आईएस का हैंडलर बताया जा रहा है, जो मसूद अजहर और हाफिज सईद की ही तरह भारतीय खुफिया एजेंसियों के लिए बड़ा सिरदर्द बन गया है

आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के कुछ संदिग्धों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी(एनआईए) ने हैदराबाद में बुधवार को छापेमारी के दौरान पकड़ा. एनआईए ने 11 युवकों को हिरासत में लिया था जिनमें से पांच को गिरफ्तार कर लिया गया है.

आईएस समर्थकों की हैदराबाद में कथित मौजदूगी को लेकर चिंता के कई कारण हैं. खबरों के अनुसार एनआईए पिछले दो माह से इन 11 संदिग्धों पर नजर रख रही थी.

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इस दौरान एनआईए ने उनकी 400 फोन कॉल को सुना गया. ये कॉल्स उनके पास आईं थीं या उन्होंने की थीं. उनके पास से दो एमएम श्रेणी पिस्तौल, विस्फोटक पदार्थ, लैपटॉप, 15 लाख की नगदी, 25 मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं.

गिरफ्तार पांचों संदिग्धों के बारे में माना जा रहा है कि ये रमजान के महीने में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने वाले थे. लेकिन अन्य कारण भी हैं कि जो बहुत ही दुखद हैं.

गिरफ्तार लोगों में दो शिया मुस्लिम

आईएस को प्रमुख रूप से सुन्नी आतंकी संगठन के रूप में जाना जाता है. इसने न केवल हजारों शियाओं की हत्या की है बल्कि भीषण रक्तरंजित वीडियो भी जारी किए हैं जिसमें असहाय शियाओं को बर्बरतापूर्ण तरीके से मारने का तरीका दिखाया गया है.

आईएस से संबंधों के आरोप में जिन पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है उनमें से दो भाई हैं जो शिया हैं. यह भी एक आश्चर्य की बात है. इनमें से एक मोहम्मद इब्राहिम यजदान उर्फ इब्बू को कथित रूप से आईएस का नेता बताया गया है.

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तथ्यों के आधार पर यह भी बताया गया है कि यजदान भाई उग्रवादी सुन्नी समुदाय के लोगों के परिवारों में शादी-विवाह आदि में मदद किया करते थे.

एक खुफिया सूत्र का कहना है कि दोनों भाईयों ने अहल-ए-हदीस विचारधारा को अपना लिया है. खुफिया सूत्र ने कहा कि उसे यह नहीं मालूम कि कितने समय पहले उन्होंने इस विचारधारा को अपनाया था. यदि शिया समुदाय से सलाफी विचाराधारा की ओर जाने की बात सच है तो यह तकलीफदेह और चिंताजनक है.

ब्रसेल्स के जैसे विस्फोटक बरामद

सूत्रों के अनुसार छापेमारी में जो विस्फोटक बरामद हुए हैं, वह ब्रसेल्स के आतंकी हमलों में इस्तेमाल विस्फोटक की तरह हैं. ब्रसेल्स में हुए हमले में 32 लोगों की जान गई थी.

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इस विस्फोटक को बाजार में आसानी से उपलब्ध सामग्री से बनाया जा सकता है. इसका अर्थ यह हुआ कि आतंककारी विदेशों में होने वाले आतंकी हमलों से जानकारी ले रहे हैं और उसे देश में विकसित कर रहे हैं.

आईएस हैंडलर भी उसी तरह का

आईएस भारत में फ्रेंचाइजी मॉडल का इस्तेमाल कर रहा है. संदेह है कि आईएस पहले से ही इंडियन मुजाहिद्दीन संगठन के जरिए आतंक का फैलाव कर रहा है.

ऐसा माना जाता है कि 2008 के हमले के बाद आतंकवादियों के कई दल पाकिस्तान चले गए थे और अब समझा जा रहा है कि वे फिर सक्रिय हो रहे हैं, और आईएस के लिए सुविधा साधन बन रहे हैं.

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एक व्यक्ति जिसके बारे में माना जाता है कि वह भारत में आईएस का हैंडलर है, उसका नाम शफी अरमार है. मसूद अजहर और हाफिज सईद की ही तरह यह भी भारतीय खुफिया एजेंसियों के लिए बड़ा सिरदर्द बन गया है.

एनआईए लगभग जब भी आईएस के मॉड्यूल को तोड़ती है, बार-बार शफी अरमार का नाम आता है. इस मामले में भी माना जा रहा है कि अरमार भारत से बाहर रहकर इसका संचालन कर रहा है.

कर्नाटक और महाराष्ट्र के युवाओं को प्रलोभन

हैदराबाद के इर्द-गिर्द आईएस का अपना जाल फैलाना रुटीन बनता जा रहा है. और अब तो भयावह चेतावनी है.

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आईएस के नाम पर आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने मामले में अब तक भारत में 54 युवाओं को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें से अधिकांश युवा कर्नाटक और महाराष्ट्र के हैं.

First published: 4 July 2016, 8:01 IST
 
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