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मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस: NIA के वकील पर उठ रहे सवाल, ABVP से रहा है कनेक्शन

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 April 2018, 11:54 IST

हैदराबाद की विशेष एनआईए कोर्ट ने सोमवार को मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में मुख्य आरोपी स्वामी असीमानंद समेत अन्य पांच आरोपियों को बरी कर दिया है. अदालत ने सबूत की कमी का हवाला देते हुए कहा था कि जांच एजेंसियां किसी के अपराध को साबित करने में विफल रही हैं.

इस मामले में असीमानंद सहित देवेन्द्र गुप्ता, लोकेश शर्मा उर्फ अजय तिवारी, लक्ष्मण दास महाराज, मोहनलाल दरत्वर और राजेंद्र चौधरी को मामले में आरोपी घोषित किया गया था. जबकि दो आरोपी रामचंद्र कालसांगरा और संदीप डांगे अभी भी फरार हैं. एक प्रमुख अभियुक्त और आरएसएस के कार्यवाहक, सुनील जोशी को जांच के दौरान गोली मार दी गई थी.

अब खबर आ रही है कि एनआईए के वकील एन. हरिनाथ का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़ाव रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह हैदराबाद में छात्र के रूप में इस संगठन से जुड़े थे. वकील एन. हरिनाथ ने मंगलवार (17 अप्रैल) को स्वीकार किया था कि उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध इस छात्र संगठन की तब कुछ कार्यक्रमों को आयोजन कराने में मदद की थी.

उन्होंने बताया, “यह उन दिनों की बात है, जब मैं वकालत की पढ़ाई कर रहा था. मैं सेकंड ईयर में था, तभी मैं एबीवीपी में शामिल हो गया था. लेकिन मेरा भारतीय जनता पार्टी से कोई लेना-देना नहीं रहा है. मैं उसी दौर से एबीवीपी के कार्यक्रमों की मदद के लिए चंदा दे रहा हूं और उनकी मदद कर रहा हूं.”

गौरतलब है कि 18 मई 2007 हैदराबाद की ऐतिहासिक मक्का मस्जिद में दोपहर करीब 1 बजे धामाका हुआ था. जिसमें 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी. सात ही 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. बाद में इन चारों की भी मौत हो गई थी. जबकि 50 से अधिक लोग बुरी तरह जख्मी हुए थे. मामले में 10 लोगों को आरोपी बनाया गया था. जिनमें से आठ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी. इनमें स्वामी असीमानंद का नाम भी शामिल था.

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एनआईए ने अप्रैल 2011 में जांच शुरू की थी. जांच के दौरान कुल 226 गवाहों से पूछताछ की गई और 411 दस्तावेजों को देखा गया था. सीबीआई ने सबसे पहले 2010 में आसीमानंद को गिफ्तार किया था, लेकिन 2017 में उन्हें जमानत मिल गई थी. इस मामले में साल 2015 में ट्रायल शुरू हुआ था, जिसके बाद हरिनाथ को एनआईए की ओर से वकील बनाया गया था.

First published: 18 April 2018, 11:54 IST
 
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