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2013 बोधगया ब्लास्ट : NIA कोर्ट ने दोषियों को सुनाई उम्रकैद की सजा, इंडियन मुजाहिदीन से है संबंध

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 June 2018, 13:16 IST

पटना स्थित एनआईए की अदालत ने बोधगया में श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोट मामले में दोषी ठहराए गए सभी पांचों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही कोर्ट ने 40-40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

बता दें कि एनआइए की कोर्ट के विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार ने विस्फोटों के आरोपियों और इंडियन मुजाहिदीन के सदस्य हैदर अली उर्फ ब्लैक ब्यूटी, इम्तियाज अंसारी, उमर सिद्दीकी, अजहरुद्दीन कुरैशी और मुजिबुल्लाह अंसारी को इन विस्फोटों के लिए दोषी पाया था. कोर्ट ने 11 मई को दोनों पक्षों की दलीलों को पूरा कर लिया था. कोर्ट ने अपना फैसला 25 मई 2018 तक के लिए सुरक्षित रख लिया था.

25 मई को कोर्ट ने इस मामले में सभी पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया था. इसके बाद दोषियों की सजा को लेकर बहस शुरू की गई. गुरुवार दोषियों की सजा पर सुनवाई पूरी नहीं हो पाई थी. एनआईए के वकील ने दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग की थी, लेकिन बचाव पक्ष के वकील की बहस नहीं होने के चलते फैसला सजा का ऐलान नहीं किया गया था.

आपको बता दें कि गया जिले के बोधगया में 7 जुलाई 2013 को 9 सिलसिलेवार धमाके हुए थे. इन हमलों में एक तिब्बती बौद्ध भिक्षु और म्यांमार के तीर्थ यात्री घायल हो गए थे. इस मामले में चार साल 10 माह 12 दिन के बाद शुक्रवार को एनआईए कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोर्ट की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया था.

एनआईए ने 90 गवाहों को किया पेश

एनआईए ने इस मामले की जांच में पाया कि सीरियल ब्लास्ट का सरगना हैदर अली उर्फ ब्लैक ब्यूटी था. एनआईए ने इस मामले में 90 गवाहों को पेश किया. एनआईए ने इस मामले में हैदर अली उर्फ ब्लैक ब्यूटी, इम्तियाज अंसारी, उमर सिद्दीकी, अजहरुद्दीन कुरैशी और मुजिबुल्लाह अंसारी ब्लास्ट के लिए मुख्य आरोपी बनाया. एनआईए ने 3 जून 2014 को चार्जशीट फाइल की. इसमें कोर्ट ने सभी पांच आरोपियों को दोषी पाया है. बता दें कि पटना सिविल कोर्ट में 2013 में गठित एनआईए कोर्ट का यह पहला फैसला है.

First published: 1 June 2018, 13:14 IST
 
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