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NIA के तीन अधिकारी सस्पेंड, टेरर फंडिंग मामले में कारोबारी से मांगी थी रिश्वत

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 September 2019, 10:14 IST

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को कहा कि उसने फलाह-ए-इन्सानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) से जुड़े एक आतंकवादी फंडिंग मामले में एक व्यवसायी बचाने के लिए रिश्वत लेने के आरोप में एक पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. एफआईएफ लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के प्रमुख हाफिज सईद से जुड़ा हुआ है.

एक रिपोर्ट के अनुसार एनआईए के एक अधिकारी ने कहा "लश्कर प्रमुख से जुड़े एक आतंकी फंडिंग जांच में कारोबारियों को बचाने के लिए रिश्वत मांगने के आरोप में तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. निलंबित अधिकारी में एक एसपी रैंक का अधिकारी, एक एनसीआरबी कार्यालय, एएसपी रैंक के बराबर और एक सहायक उप निरीक्षक शामिल हैं.


एसपी इससे पहले 2007 समझौता एक्सप्रेस विस्फोट के मुख्य जांच अधिकारी थे, जबकि अन्य दो एनआईए के खुफिया और संचालन विंग से हैं, अधिकारी ने कहा, उन्होंने उत्तरी दिल्ली के एक व्यापारी की जांच की थी. व्यवसायी ने शिकायत की थी कि अधिकारियों ने उससे 2 करोड़ रुपये की मांग की ताकि 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड सईद से जुड़े मामले में उसका नाम न हो.

एनआईए अधिकारियों के अनुसार एनआईए को शिकायत मिली थी जुलाई में एसपी और दो जूनियर अधिकारियों के बारे में जो एफआईएफ की जांच कर रहे थे. एनआईए ने पिछले साल एफआईएफ के उप प्रमुख शाहिद महमूद और अन्य के खिलाफ धार्मिक कार्य की आड़ में दिल्ली और हरियाणा में स्लीपर सेल और लॉजिस्टिक्स बेस बनाने के लिए 2012 के आसपास साजिश रचने का मामला दर्ज किया था.

मामला दर्ज करने के बाद NIA ने मोहम्मद सलमान और मोहम्मद सलीम, दोनों दिल्ली के निवासी और बाद में राजस्थान के नागौर के निवासी मोहम्मद हुसैन मोलानी को गिरफ्तार किया.एनआईए ने उस मामले के सिलसिले में सईद समेत आरोपियों के खिलाफ दो आरोपपत्र दायर किए हैं.

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First published: 18 September 2019, 10:10 IST
 
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