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निर्भया ही नहीं इन मामलों ने भी झकझोरा है देश को...

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 May 2017, 15:25 IST

देश को हिला देने वाले दिल्ली के निर्भया गैंगरेप केस में सुप्रीम कोर्ट ने चार दोषियों की फांसी की सजा सुनाई है. सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने इस मामले में चारों मुजरिमों विनय, अक्षय, पवन और मुकेश को हाईकोर्ट से मिली सजा-ए-मौत को बहाल रखा है. लेकिन इस मामले से पहले भी कर्इ अपराध हुए जिनके काले पन्ने इतिहास में आज भी दर्ज हैं. एक नजर...

1. मथुरा रेप केस: 1972
महाराष्ट्र के चन्द्रपुर जिले के नवरगांव में रहने वाली आदिवासी महिला मथुरा पर 1972 में महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में दो कांस्टेबल पर उसके थाने में ही बलात्कार करने का आरोप लगा था. इस केस के बाद 80 के दशक में महिलाओं के ख़िलाफ़ यौन हिंसा के विरोध में देशव्यापी आंदोलन हुए.

2. अरुणा शानबाग: 1973
अरुणा शानबाग के बारे में सभी जानते हैं. मुंबई के किंग एडवर्ड हॉस्पिटल में जूनियर नर्स अरुणा शानबाग के साथ कर्ममचारी सोहन लाल वाल्मीकि ने बलात्कार किया. उस दौरान अरुणा को ऐसी चोट लगी कि वह कोमा में चली गईं और 42 साल तक बिस्तर पर पड़ी रहीं. सोहन लाल को 7 साल की सज़ा मिली, मगर अरुणा ने बेक़सूर होते हुए भी 42 साल की लंबी सज़ा काटी और 18 मई 2015 को उनकी मौत हुई. अरुणा शानबाग की ज़िन्दगी पर फ़िल्म बन कर तैयारी हो चुकी है. मराठी में बनी इस फिल्म का नाम 'जाणिवा' है और इसे निर्देशक राजेश रणशिंगे ने बनाया है.

3. प्रियदर्शिनी मट्टू केस: 1996
दिल्ली यूनिवर्सिटी की लॉ स्टूडेंट प्रियदर्शिनी मट्टू की नई दिल्ली स्थित उसके घर में बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी. कोर्ट में यह मामला 14 साल तक चला. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मुख्य आरोपी संतोष कुमार सिंह को दोषी ठहराए जाने के हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा, लेकिन उसकी मौत की सजा को यह कहते हुए उम्र कैद में तब्दील कर दिया.

4. अंजना मिश्रा बलात्कार कांड: 1999
इंडियन फॉरेस्ट सर्विस के एक अधिकारी की पत्नी अंजना मिश्रा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री जेबी पटनायक और उनके मित्र पर रेप का आरोप लगा. स आरोप के बाद पार्टी की छवि को ठेस पहुंची और मुख्यमंत्री को पद छोड़ना पड़ा था.आरोपियों में से दो को उम्रकैद की सजा सुनायी गर्इ.

5. स्कारलेट रेप केस: 2008
15 वर्षीय ब्रिटिश लड़की स्कारलेट गोवा के बीच पर मृत पाई गई थी. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से रेप के बाद मर्डर की पुष्टि हुई. इस केस में अब तक किसी को भी दोषी नहीं पाया गया है.

6. धौला कुआं मामला: 2010
कॉल सेंटर में काम करने वाली एक 30 वर्षीय मणिपुरी युवती का दिल्ली के धौला कुआं इलाके से अपहरण कर बलात्कार किया गया. पुलिस के अनुसार महिला का अपहरण उस वक्त हुआ था जब वो अपने एक साथी के साथ काम के बाद घर लौट रही थीं. इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में काम करने वाली सभी बीपीओ कंपनियों को महिला-सुरक्षा संबंधी आदेश दिया था. पुलिस का आदेश था कि अंधेरे में काम के बाद जब महिला कर्मचारियों को घर छोड़ा जाए तो उनके साथ सुरक्षा गार्ड भेजे जाएं. ग़ौरतलब है कि दिसंबर 2012 में ऐसी ही एक मामले के बाद दिल्ली में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे और महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के बारे में प्रशासन ने कई कदम उठाए थे.

7. सौम्या मर्डर केस: 2011
सौम्या जब केरल में शोर्नूर से एर्नाकुलम की यात्रा कर रही थीं, तो उनके साथ गोविंद स्वामी ने रेप किया. इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हो गई. लंबे मुकदमे के बाद गोविंद स्वामी को मौत की सजा सुनाई गई.

First published: 5 May 2017, 15:25 IST
 
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