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निर्भया गैंगरेप: विनय को छोड़कर तीनों दोषियों को कल ही दें फांसी- तिहाड़ के वकील

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 January 2020, 13:18 IST

Nirbhaya Gangrape Case: निर्भया गैंगरेप के दोषियों (Accused) की फांसी (Hanging) की तारीख टालने की याचिका पर शुक्रवार (Friday) को अदालत में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान तिहाड़ (Tihar) के वकील (Lawyer) ने कहा है कि विनय (Vinay) इंतजार कर सकता है लेकिन बाकी तीन दोषियों को कल (Tomorrow) फांसी दी जाये. तिहाड़ जेल (Tihar Jail) के वकील ने कहा कि जिसकी दया याचिका राष्ट्रपति (President) के पास लंबित है, उसे छोड़कर बाकी तीन दोषियों को कल यानी 1 फरवरी (1st February) को फांसी दी जाए.

बता दें कि निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों को सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है. चारों दोषियों को 22 जनवरी की सुबह फांसी दी जानी थी, लेकिन दोषियों के वकीलों ने उनकी फांसी टालने के लिए रिव्यू पिटीशन डाली थी. उसके बाद कोर्ट ने चारों दोषियों को 1 फरवरी की सुबह फांसी देने का फैसला सुनाया. लेकिन दोषियों की फांसी टालने के लिए उनके वकीलों ने फिर से कोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया.


इसी मामले में शुक्रवार को फिर से सुनवाई हुई और तिहाड़ जेल के वकील ने कहा कि आरोपी विनय कुमार को छोड़कर बारी बचे तीनों दोषियों को शनिवार यानी एक फरवरी को फांसी पर लटकाया जाए. क्योंकि विनय कुमार की दया याचिका अभी लंबित है. इसलिए उसे एक फरवरी को फांसी नहीं दी जा सकती.

तिहाड़ जेल की ओर से पेश हुए वकील इरफान अहमद ने कहा कि केवल एक दोषी की (विनय शर्मा) की दया याचिका लंबित है और अन्य को फांसी दी जा सकती है. उन्होंने कहा कि इसमें कोई अवैधता नहीं है. बता दें दोषी पवन गुप्ता, विनय कुमार शर्मा और अक्षय कुमार के वकील एपी सिंह ने अदालत से फांसी पर ‘अनिश्चितकालीन’ स्थगन लगाने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि दोषियों में कुछ के द्वारा कानूनी उपायों का इस्तेमाल किया जाना बचा हुआ है.

गौरतलब है कि निचली अदालत ने 17 जनवरी को गैंगरेप के चारों दोषियों मुकेश (32), पवन (25), विनय (26) और अक्षय (31) को मौत की सजा देने के लिए दूसरी बार ब्लैक वारंट जारी किया था, जिसमें एक फरवरी की सुबह छह बजे तिहाड़ जेल में उन्हें फांसी देने का आदेश दिया गया. इससे पहले सात जनवरी को अदालत ने फांसी के लिए 22 जनवरी की तारीख तय की थी.

बता दें कि फांसी को टालने के लिए अब तक की स्थिति में दोषी मुकेश ने सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल कर लिया है. इसमें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के समक्ष दया याचिका दाखिल करना भी शामिल है. उसकी दया याचिका राष्ट्रपति ने 17 जनवरी को ठुकरा दी थी. मुकेश ने फिर दया याचिका ठुकराए जाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसने कोर्ट ने बुधवार को खारिज कर दिया और कहा कि कोर्ट राष्ट्रपति के फैसले पर सवाल नहीं उठा सकता.

बता दें निर्भया मामले के तीन दोषियों को एक फरवरी को फांसी दिए जाने पर रोक लगाने का अनुरोध करने वाली याचिका की सुनवाई को तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत में चुनौती दी थी. इन तीनों दोषियों ने एक फरवरी को उन्हें फांसी देने पर रोक लगाने का अनुरोध करते हुए याचिका दायर की थी. हालांकि जेल के अधिकारियों ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा के समक्ष दायर स्थिति रिपोर्ट में इस याचिका का विरोध किया.

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First published: 31 January 2020, 13:10 IST
 
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