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निर्भया केस: फांसी की सजा पर पुनर्विचार याचिका से पहले दोषी विनय ने की थी खुदकुशी की कोशिश

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 July 2018, 9:45 IST

16 दिसंबर, साल 2012 में हुए निर्भया गैंगरेप मामले में आज(9 जुलाई) सुप्रीम कोर्ट चार दोषियों में से तीन की पुनर्विचार याचिका पर फैसला सुनाएगा. इससे पहले 4 मई को सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों की पुनर्विचार याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था. मामले में दोषियों विनय शर्मा, पवन और मुकेश ने पुनर्विचार याचिका डाली है. दोषियों की तरफ से कहा गया कि ये मामला फांसी की सजा का नहीं है. वो गरीब पृष्ठभूमि से आए हुए हैं, वो आदतन अपराधी नहीं हैं इसलिए सुधरने का मौका दिया जाए.

वहीं दोषी अक्षय ने पुनर्विचार याचिका दायर नहीं की है. 4 मई को मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस आर भानुमति और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच ने दोषियों विनय, पवन और मुकेश की पुनर्विचार याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा था. 

आपको बता दें कि निर्भया गैंगरेप मामले में पुनर्विचार याचिका डालने वाले दोषी विनय शर्मा ने अगस्त 2016 में तिहाड़ जेल में आत्महत्या की कोशिश की थी. उसने जेल में कुछ दवाइयां खाने के बाद गमछे को गले में बांधकर जान देने की कोशिश की थी. वह तिहाड़ में जेल नंबर-8 में बंद था. उसे गंभीर हालत में दीन दयाल अस्पताल में भर्ती किया गया था.

गौरतलब है कि दिल्ली में चलती बस में गैंगरेप के मामले में कुल 6 आरोपी पकड़े गए थे. जिनमें राम सिंह नाम के आरोपी में जेल में आत्महत्या कर ली थी. उसकी मौत के बाद मामले में बाकी पांच को दोषी पाया गया था. इन पांच दोषियों में एक नाबालिग दोषी को अधिकतम तीन साल की सजा के साथ सुधार गृह भेज दिया गया था.

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नाबालिग को छोड़कर बाकी चार को सजा-ए-मौत मिली है. 13 सितंबर, 2013 को चार दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने अपने 2017 के फैसले में दिल्ली हाईकोर्ट और निचली अदालत द्वारा गैंगरेप और हत्या के मामले में उन्हें सुनाई गई मौत की सजा को बरकरार रखा था.

First published: 9 July 2018, 9:41 IST
 
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