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राष्ट्रवाद पर सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं: जम्मू-कश्मीर पुलिस

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 April 2016, 18:52 IST

जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के बाद से आलोचना झेल रहे स्थानीय पुलिस ने कहा है कि उन्हें राष्ट्रवाद पर किसी से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है.

शुक्रवार को बारामूला के पुलिस उपाधीक्षक फिरोज याहया ने फेसबुक पेज पर लिखा, 'जम्मू एवं कश्मीर पुलिस को (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में) किसी से राष्ट्रवाद पर सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है. हमें कानून के दायरे में रहकर अच्छे काम जारी रखने की जरूरत है और हमें इससे कोई नहीं डिगा सकता.'

एनआईटी श्रीनगर बना राष्ट्रवाद का नया अखाड़ा

दूसरी ओर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुबस्सिर लतीफी ने कहा, 'पुलिस बलों को राष्ट्रवाद या निष्पक्षता को लेकर कोई सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है, जिनकी वीरता केवल कीपैड्स तक ही सीमित है.'

शोपियां के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र मिश्रा ने एनआईटी के छात्रों को भी सलाह दी है. उन्होंने छात्रों से कहा, 'बेहद जिम्मेदारी के साथ बोलिए. जम्मू एवं कश्मीर पुलिस उच्च पेशेवर मानदंड वाली एक राष्ट्रवादी बल है.'

मंगलवार को हुई लाठीचार्ज की घटना के बाद कैंपस में स्थानीय पुलिस को हटाकर केंद्रीय अर्धसैनिक बल के जवानों को तैनात किया गया था.

क्या है मामला

एनआईटी कैंपस में पिछले एक हफ्ते से छात्रों के दो गुटों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है. 31 मार्च को भारत और वेस्टइंडीज के बीच क्रिकेट मैच के दौरान स्थानीय छात्रों ने कैरेबियाई टीम की जीत का जश्न मनाया था, इसको लेकर छात्रों के दो गुटों के बीच झगड़ा हो गया. विरोध में छात्रों का एक गुट भारत माता की जय के नारे लगाने लगा.

श्रीनगर एनआईटी में छात्रों पर लाठीचार्ज, कैंपस में सीआरपीएफ तैनात

विवाद बढ़ता देख कैंपस को सोमवार तक के लिए बंद कर दिया गया था. कैंपस खुलने के बाद मंगलवार को बाहरी लोगों ने बड़ी संख्या में मार्च निकालने की कोशिश की जिसे पुलिस ने कैंपस के मेन गेट पर रोक दिया था.

इसके बाद प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हो गई. उत्तेजित छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया. लाठीचार्ज में कम से कम 12 छात्र जख्मी हुए हैं.

First published: 8 April 2016, 18:52 IST
 
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