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नीति आयोग के पहले उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया का इस्तीफ़ा

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 August 2017, 16:07 IST
फाइल फोटो

नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. 31 अगस्त 2017 उनके कार्यकाल का आख़िरी दिन होगा. पनगढ़िया नीति आयोग के पहले उपाध्यक्ष थे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीति आयोग के अध्यक्ष हैं. गौरतलब है कि केंद्र की मोदी सरकार ने योजना आयोग को ख़त्म करके नीति आयोग का गठन किया था. माना जा रहा है कि पद से इस्तीफा देने के बाद पनगढ़िया एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय होने जा रहे हैं.

नीति आयोग को नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांस्फॉर्मिंग इंडिया (NITI) नाम देते हुए केन्द्रीय कैबिनेट ने 1 जनवरी 2015 को स्थापित किया था. केन्द्र सरकार के लिए नीतियों का निर्माण करने के लिए नीति आयोग ने 3 अहम उद्देश्यों को सामने रखा था. इनमें डिजिटल इंडिया, कोऑपरेटिव फेडरलिज्म और महिलाओं को विकास की मुख्यधारा में लाना शामिल है. 

जवाहर लाल नेहरू के समय में बनाए गए योजना आयोग को नीति आयोग से बदला गया था. मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने मोदी सरकार के इस कदम की आलोचना की थी.

कौन हैं अरविंद पनगढ़िया?

अरविंद पनगढ़िया भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री हैं और नीति आयोग में आने से पहले दुनिया की प्रतिष्ठित कोलंबिया यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर थे. इसके साथ ही पनगढ़िया एशियन डेवलपमेंट बैंक के चीफ अर्थशास्त्री भी रहे हैं. यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड में सेंट्रल फॉर इंटरनेश्नल इकॉनोमिक्स में भी वे प्रोफेसर और सह-निदेशक रह चुके हैं.

पनगढ़िया ने विश्व बैंक के साथ भी काम किया है. आईएमएफ (अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष), विश्व व्यापार संगठन और यूनाइटेड नेशन कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रेड एंड डेवलपमेंट के साथ काम किया है. अरविंद पनगढ़िया ने प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है. 

First published: 1 August 2017, 16:07 IST
 
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