Home » इंडिया » Nitin Gadkari accepts farmers condition is very bad in India commited suicide
 

नितिन गडकरी ने स्वीकारा- बदतर हालत की वजह से आत्महत्या करने को मजबूर है अन्नदाता

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 January 2019, 15:25 IST

मोदी सरकार में बड़े मंत्री नितिन गडकरी इनदिनों अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं. आए दिन उनके बयान मोदी सरकार को आइना दिखाने का काम कर रहे हैं. नितिन गडकरी ने अब देश में किसानों की दशा को लेकर बड़ी बात कही है. गडकरी ने माना है कि देश में किसानों के हालात बहुत बुरे हो गए हैं. उन्होंने कहा कि किसान चावल, गेहूं की खेती करने के बावजूद मर रहे हैं.

एक कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार को सबसे पहले आदिवासियों और खेती को प्राथमिकता देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मुंबई में बर्तन धोने वाली राख 18 रुपए की आती है, लेकिन चावल 14 रुपए किलो में मिलता है. गडकरी ने कहा कि इससे पता चलता है कि किसानों की हालात बहुत खराब है.

पढ़ें- मोदी सरकार देने जा रही देश को बड़ी सौगात, बनाएगी देश का सबसे लंबा सिग्नल फ्री एक्सप्रेस-वे

गडकरी ने कहा कि कृषि उत्पादों से प्राप्त जैव ईंधन को किसानों और आदिवासियों के लिए बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित करना चाहिए. बता दें कि हाल ही में महाराष्ट्र सहित पूरे देश के किसानों ने फसलों की कीमत और एमएसपी जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया था.

पढ़ें- मोदी सरकार को बड़ी कामयाबी, दाऊद इब्राहिम का करीबी दानिश आया गिरफ्त में

देश के किसान फसलों के उचित दाम न मिलने से परेशान चल रहे हैं. फसलों के उचित दाम न मिलने के कारण किसान आत्महत्या को मजबूर हो रहे हैं. साल 2014 में सत्ता में काबिज होने से पहले मोदी सरकार ने किसानों की आत्महत्या के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था.

First published: 8 January 2019, 15:10 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी