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RSS के गढ़ में चर्चा- क्या 'नितिन भाऊ' देश के अगले PM बनने जा रहे हैं ?

सुनील रावत | Updated on: 11 February 2019, 15:11 IST

केंद्रीय मंत्री गडकरी के हालिया बयानों ने उन्हें मोदी और शाह के साथ सीधे टकराव की स्थिति में डाल दिया और अटकलों को जन्म दिया कि वह 2019 के चुनावों के बाद प्रधानमंत्री की भूमिका में हो सकते हैं. हालांकि गडकरी का कोई जनाधार नहीं है और मोदी-शाह के पीछे आरएसएस मजबूती से खड़ा है. फिर भी यह सवाल बार -बार उठ रहा है कि नागपुर का यह व्यवसायी-राजनेता अपना कार्ड क्यों खेल रहा है? राजनीति में अपने शुरुआती दिनों से ही नितिन जयराम गडकरी ने अपने घरेलू शहर नागपुर में कई सराहनीय काम किये.

नागपुर में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने 1925 में अपनी पहली शाखा (स्वयंसेवकों या स्वयंसेवकों की मण्डली) आयोजित की थी. यहीं से शुरू हुए आंदोलन ने नरेंद्र मोदी को स्वयंसेवक को प्रधान मंत्री के कार्यालय में भेजा था. रेशमीबाग़ में आरएसएस का बड़ा परिसर है, जहां भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी जून में आरएसएस के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे.

मुखर्जी की गडकरी के साथ पुरानी दोस्ती मानी जाती है. अप्रैल 2014 में को यहां से गडकरी को लगभग 285,000 के अंतर से शानदार जीत मिली. यह पहला प्रत्यक्ष चुनाव था जिसे गडकरी ने अपने चार दशक लंबे करियर में जीता था. बीजेपी ने जिन 282 निर्वाचन क्षेत्रों में 2014 में जीत दर्ज की थी यह उनमे अकेली जगह थी जहां नरेंद्र मोदी ने रैली नहीं की.

पांच साल बाद नागपुर में मिलने वाला हर व्यक्ति एक सवाल पूछता नजर आता है. गडकरी साहब या नितिनजी या नितिन भाऊ 2019 के चुनावों के बाद भारत के प्रधान मंत्री बनने जा रहे हैं? हालांकि गडकरी के स्पष्टीकरण के बावजूद कि "कुछ विपक्षी दल और मीडिया का एक वर्ग यह चर्चा लगातार कर रहे हैं. कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम कई बार गडकरी की प्रशंसा कर चुके हैं. पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी संसद में गडकरी के काम की सराहना कर चुकी हैं.

गडकरी वर्तमान में सड़क परिवहन, राजमार्ग, शिपिंग, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा कायाकल्प मंत्री हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार गडकरी का कहना है कि "मैंने साक्षात्कार देना बंद कर दिया है क्योंकि मीडिया ने सभी विश्वसनीयता खो दी है." 

 गडकरी शिवसेना की पसंद

बीजेपी की सहयोगी शिवसेना ने मोदी की नापसंदगी का कोई कारण नहीं बताया है लेकिन गडकरी से पार्टी की नजदीकियां मानी जाती है. शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि उनकी पार्टी प्रधानमंत्री के रूप में गडकरी का समर्थन करेगी. राउत ने कहा, "गडकरी को इंतजार है क्योंकि वह जानते हैं कि अगले चुनाव त्रिशंकु लोकसभा का निर्माण करने जा रहे हैं."

शिवसेना के समर्थन के पीछे एक यह कारण भी है कि वह गडकरी एक मराठी राजनेता हैं, और यह भी कि वे सहयोगियों के अधिक सहयोगी होंगे. मई 2018 में शरद पवार नागपुर में गडकरी के जन्मदिन के जश्न में मुख्य अतिथि थे.

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First published: 11 February 2019, 15:09 IST
 
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