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भारत में सड़क हादसों में हर घंटे 17 की मौत

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 June 2016, 15:14 IST

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि भारत में सड़क हादसों में हर रोज औसतन 400 लोगों की मौत होती है और इसका मुख्य कारण दोषपूर्ण इंजीनियरिंग है. नितिन गडकरी ने ये ख़ुलासा सड़क हादसों पर जारी की गई परिवहन मंत्रालय की एक रिपोर्ट के माध्यम से किया है.

परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि देश में 2015 में सड़क दुर्घटनाओं में 1,46,133  लोगों की मौत हुई, जोकि पिछले साल के 1,39,671 के मुकाबले 4.6 फीसदी ज्यादा है. 

रोजाना 400 की मौत

रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि 2015 के दौरान भारतीय सड़कों पर 5,01,423 सड़क दुर्घटना हुई, जो कि एक वर्ष पहले के 4,89,400 दुर्घटना के मुकाबले 2.5 फीसदी ज्यादा है. रिपोर्ट में बताया गया है कि 2015 में भारत की सड़कों पर रोज 400 लोग मारे गए, मतलब हर घंटे 17 लोगों की मौत दर्ज की गई.

गडकरी ने यह भी माना कि दो साल के समर्पित काम और ईमानदार प्रयासों के बावजूद ज्यादा कुछ नहीं बदला है. 2015 में भारत में हुए सडक हादसों पर रिपोर्ट जारी करते हुए सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी ने कहा कि वह उन निष्कर्षों से काफी दुखी हैं. 

रिपोर्ट जारी करते हुए गडकरी ने बताया, "इतनी मौतें तो युद्ध, महामारी और उग्रवाद से भी नहीं होतीं. इंसानों की बलि नहीं दी जा सकती. इसमें कमी लाने के लिए हमने पिछले दो साल में कई कदम उठाए हैं, जिसमें प्रधानमंत्री सड़क सुरक्षा योजना की शुरुआत और परियोजना लागत की एक फीसदी राशि सड़क सुरक्षा के लिए आवंटित करना शामिल है."

ड्राइवर सबसे ज्यादा जिम्मेदार

रिपोर्ट में बताया गया है कि ज्यादातर हादसों के लिए ड्राइवर जिम्मेदार हैं. पिछले साल हुई दुर्घटनाओं में 71 फीसदी दुर्घटना के लिए ड्राइवर जिम्मेदार थे. यही नहीं, दुर्घटना की वजह से हुई मौतों में 72.6 फीसदी व्यक्ति ड्राइवर थे.

गडकरी ने कहा, "2015 में हुए 77.1 फीसदी सड़क हादसों के लिए रिपोर्ट में भले ही ड्राइवर को दोषी करार दिया गया हो, लेकिन दोषपूर्ण सड़क इंजीनियरिंग प्रमुख कारणों में से एक है."

केंद्रीय मंत्री ने पिछली यूपीए सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उसने निर्माण की लागत में कमी लाने के लिए कई अहम सड़कों से ओवरब्रिज और अंडरपास हटा दिए थे, जिसकी वजह से दिल्ली-गुड़गांव के रास्ते सहित कई अन्य जगहों पर सड़क हादसों में भारी इजाफा हुआ.

First published: 10 June 2016, 15:14 IST
 
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