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नितिन गडकरी: अच्छे दिन कभी नहीं आते, अच्छे दिन के नारे गले में फंसी हड्डी हैं

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 September 2016, 15:33 IST

शायद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी में विरोध के स्वर उठने लगे हैं. लगता है तभी तो केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नरेंद्र मोदी के अच्छे दिन के नारे को गले में फंसी हड्डी बताते हुए कहा कि अच्छे दिन कभी नहीं आते.

मंगलवार को उद्योग जगत के एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि दरअसल अच्छे दिन का मशहूर नारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहले पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने दिया था, लेकिन अब यह नारा मोदी सरकार की गर्दन का बोझ बन गया है.

एक सवाल का जवाब देते हुए गडकरी ने कहा कि अच्छे दिन मानने से होते हैं. दिल्ली में आयोजित एक एनआरआई समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि अच्छे दिन आएंगे. जब पूछा गया कि अच्छे दिन कब आएंगे तो मनमोहन सिंह ने जवाब दिया था, "भविष्य में."

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी यही बात कही. गौरतलब है कि बीते लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी ने अपनी तकरीबन हर रैली में 'अच्छे दिन' के नारे लगाए थे.

गडकरी ने इस दौरान कहा, "अच्छे दिन कभी नहीं आते. अच्छे दिन के नारे गले में फंसी हड्डी हैं." पूर्व सांसद विजय दर्डा द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए गडकरी ने कहा, "हमनें केवल अच्छे दिन शब्दों का इस्तेमाल किया और इसे शाब्दिक अर्थ में नहीं लिया जाना चाहिए. इसका मतलब होता है कि प्रगति हो रही है."

उन्होंने यह भी कहा, "अगर किसी व्यक्ति के पास साइकिल है तो वह मोटरसाइकिल चाहेगा, फिर जब वह मोटरसाइकिल खरीद लेता है तो अगला लक्ष्य कार होती है. इसलिए किसी को कभी यह महसूस नहीं होता कि अच्छे दिन आ गए."

बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अपने चुनावी अभियान में अच्छे दिन पर ही पूरा जोर दिया था. इसके बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार बन गई तब से अक्सर हर कोई यह पूछता दिख जाता है कि अच्छे दिन कब आएंगे?

First published: 14 September 2016, 15:33 IST
 
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