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नीतीश कटारा हत्याकांड: विकास और विशाल यादव को 25 साल जेल की सजा

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 October 2016, 10:45 IST
(पत्रिका)

बहुचर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों को सजा का एलान कर दिया है. सर्वोच्च अदालत ने माफिया सरगना डीपी यादव के बेटे विकास यादव और सहअभियुक्त विशाल यादव को 25 साल कैद की सजा सुनाई है. 

इस मामले में विकास यादव, उसका रिश्तेदार विशाल यादव और सुखदेव पहलवान दोषी करार दिए जा चुके थे. नीतीश कटारा की 2002 में हत्या कर दी गई थी. न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति सी नागप्पन की पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ दायर दोषियों की अपील पर आज फैसला सुनाया. 

सुखदेव पहलवान को 20 साल की सजा

दिल्ली हाईकोर्ट ने दोषियों की उम्रकैद की सजा बिना किसी छूट के 25 साल तक के लिए बढ़ा दी थी. इसके अलावा सबूत नष्ट करने के लिए पांच साल की अतिरिक्त सजा सुनाई गई थी.

हाईकोर्ट ने इस हत्याकांड को ‘झूठी शान के लिए’ हत्या करार दिया था. यही नहीं फैसला सुनाते हुए अदालत ने उनके द्वारा किए गए अपराध को ‘दुर्लभ में भी दुर्लभतम श्रेणी’ का करार दिया था, लेकिन सुधार और पुनर्वास की संभावना जताते हुए फांसी की सजा देने से इनकार कर दिया था. 

इसके अलावा मामले में दोषी सुखदेव पहलवान को सुप्रीम कोर्ट ने 20 साल जेल की सजा का एलान किया है. सुप्रीम कोर्ट ने यादव बंधुओं (विकास यादव और विशाल यादव) को राहत देते हुए 30 साल की सजा 25 साल में संशोधित कर दी है.

फैसले से खुश नीलम कटारा

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए नीतीश कटारा की मां नीलम कटारा ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश हूं. झूठी शान के लिए होने वाले अपराधों में सख्त सजा होनी चाहिए. यह कोई सामान्य अपराध नहीं है."

साथ ही नीलम कटारा ने कहा, "इस मामले में सबूत मृतक का जूता या चप्पल नहीं थे. मेरे बेटे के शरीर को नष्ट कर दिया गया. इसलिए अगर मैं दस साल और सजा की मांग करती हूं तो कोई बड़ी चीज नहीं है.अदालत ने माना है कि झूठी शान के लिए नीतीश कटारा की हत्या हुई थी."

सुप्रीम कोर्ट ने विकास और विशाल यादव की सजा 30 से घटाकर 25 साल कर दी है. (फाइल फोटो)

क्या है पूरा मामला?

17 अगस्त 2015 को दिल्ली हाईकोर्ट ने विकास, विशाल और सुखदेव की सजा बरकरार रखी थी. अदालत ने फैसला सुनाते हुए टिप्पणी की थी कि यह ‘चरम प्रतिशोध’ की भावना से ‘बहुत ही योजनाबद्ध और नियोजित तरीके से की गई वारदात है. विकास यादव माफिया डॉन डीपी यादव का बेटा है.

विकास ने अपनी बहन से प्रेम संबंध होने से नाराज होकर अपने साथियों की मदद से नीतीश कटारा की हत्या की थी. अदालत ने विकास और विशाल पर लगाए गए जुर्माने की राशि भी बढ़ा दी थी और उन्हें छह हफ्ते में 54-54 लाख रुपये निचली अदालत में जमा करने का निर्देश दिया था.

कटारा के अपहरण और हत्या के मामले में निचली अदालत ने मई 2008 में विकास (39) और विशाल (37) को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. बिजनेस एक्जीक्यूटिव कटारा एक ब्यूरोक्रेट का पुत्र था. आरोपों के मुताबिक वर्ष 2002 में 16-17 फरवरी की रात उसकी हत्या कर दी गई थी.

हाईकोर्ट ने दो अप्रैल 2014 को निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था. अदालत ने कहा था कि विकास, विशाल और सुखदेव ने कटारा की इसलिए हत्या कर दी, क्योंकि भारती और कटारा अलग-अलग जातियों से थे और इस वजह से दोषी उनके प्रेम संबंध के खिलाफ थे.

First published: 3 October 2016, 10:45 IST
 
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