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20 दिन बाद फिर जेल पहुंचे 'डॉन' का बयान- चुनाव में मेरे समर्थक नीतीश को सिखाएंगे सबक

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 September 2016, 16:22 IST
(फाइल फोटो )

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के बाहुबली नेता शहाबुद्दीन की ज़मानत रद्द कर दी है. ज़मानत रद्द होने के बाद शहाबुद्दीन ने सीवान कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया.

शहाबुद्दीन को 7 सितंबर को मर्डर केस में पटना हाईकोर्ट से जमानत मिली थी. जिसके बाद 10 सितंबर को शहाबुद्दीन की भागलपुर जेल से रिहाई हुई थी. सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के फ़ैसले को रद्द करते हुए राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को तुरंत जेल भेजने का आदेश दिया.

जमानत रद्द किए जाने पर  शहाबुद्दीन ने कहा कि लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं इससे मुझे फर्क नहीं पड़ता है. मैं न्याय प्रणाली का सम्मान करता हूं. नीतीश कुमार पर दिए गए अपने बयान पर शहाबुद्दीन ने कहा कि मैं अपने बयान पर कायम हूं. मेरे समर्थक उन्हें (नीतीश कुमार को) अगले चुनाव में सबक सिखाएंगे.

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने शहाबुद्दीन की जमानत के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. प्रशांत भूषण ने ये याचिका चंदा बाबू की तरफ से दायर की थी, जिनके तीन बेटों की हत्या की साजिश रचने का आरोप शहाबुद्दीन पर है.

गौरतलब है कि शहाबुद्दीन को सीवान के बहुचर्चित तेजाब कांड में दो सगे भाइयों की हत्या के चश्मदीद गवाह राजीव रोशन की हत्या के मामले में पटना हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद भागलपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया था.

16 अगस्त, 2004 को सीवान के व्यवसायी चंद्रकेश्वर प्रसाद उर्फ चंदा बाबू के बेटों गिरीश, सतीश और राजीव का अपहरण किया गया था. गिरीश और सतीश की तेजाब डालकर हत्या कर दी गई थी, जबकि राजीव उनके चंगुल से भाग निकलने में कामयाब रहा था.

First published: 30 September 2016, 16:22 IST
 
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