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नीतीश की वापसीः बिहारी के शपथ ग्रहण में बाहरियों का जमघट

पाणिनि आनंद | Updated on: 19 November 2015, 21:16 IST
QUICK PILL
  • 20 नवंबर को बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार लेंगे शपथ. समारोह में विपक्ष और भाजपा के तमाम नेता लेंगे हिस्सा.
  • लालकृष्ण आडवाणी और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे दरकिनार भाजपा नेता हो सकते हैं मौजूद. गैरभाजपा-कांग्रेस मुख्यमंत्री भी होंगे शामिल.

बिहार में महागठबंधन और इसके समर्थकों के लिए उत्सव का एक और मौका है. बिहार चुनाव में आठ नवंबर को इस महागठबंधन की जीत के बाद लोगों को दीवाली और छठ पूजा त्यौहारों को मनाने का मौका मिला. 

अब जब त्यौहारों का मौसम खत्म हो चुका है, बिहार में 20 नवंबर को नीतीश कुमार के शपथग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू हो गई हैं. 

नीतीश के साथ ही उनके मंत्रिपरिषद में शामिल होन वाले अधिकांश नेताओं के भी शपथ लेने की संभावना है. 

जनता दल यूनाइटेड के एक नेता ने कहा, "तीनों राजनीतिक दलों के विधायक कैबिनेट में शामिल होंगे. उनकी भूमिका के बारे में अभी निर्णय लिया जाना है. उप मुख्यमंत्री और मंत्रियों के पद भी अभी तक फैसला नहीं लिया गया है."

बेशक, अटकलें केवल नीतीश के मंत्रिमंडल के बारे में ही नहीं हैं, बल्कि शपथग्रहण समारोह में आने वाले मेहमानों की सूची ने भी लोगों में काफी जिज्ञासा पैदा की है. हालांकि काफी संख्या में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय नेताओं के पहुंचने की बात कही जा रही है. 

इनमें से ज्यादातर चेहरे विपक्षी दलों और गैर-भाजपा शासित राज्यों से होंगे. अब तक आमंत्रित मेहमानों की सूची को जारी नहीं किया गया है. हालांकि, संभावित चेहरों पर चर्चा और राजनीति पहले से ही जारी है. 

एक वरिष्ठ जेडीयू नेता ने कैच को बताया, "हम प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री और गृहमंत्री को आमंत्रित कर रहे हैं. देखते हैं कि सरकार में से कौन-कौन आता है. अतिथि सूची में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का नाम नहीं है. लेकिन राजग के सहयोगी आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और पंजाब के प्रकाश सिंह बादल के समारोह में भाग लेने की संभावना है."

विपक्षी एकता

नीतीश की जीत ने क्षेत्रीय नेताओं के व्यापक गठबंधन की संभावनाओं को मजबूत किया है और यह शपथग्रहण समारोह में दिखेगा भी. गैर भाजपा-कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों जैसे ममता बनर्जी अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव और नवीन पटनायक को भी निमंत्रण भेजा गया है. 

सीपीआई (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी पहले ही अपनी उपस्थिति की पुष्टि कर चुके हैं. 

आगामी 26 नवंबर से शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र से पहले उनका एक साथ आना काफी महत्वपूर्ण हो सकता है. वहीं, इस दौरान विपक्ष के तेवर भी आगामी सत्र के लिए भूमिका बना देंगे. 

हालांकि समारोह का असली आकर्षण भाजपा के चेहरे होंगे. जेडीयू सूत्रों के मुताबिक भाजपा के दरकिनार किए गए नेता लालकृष्ण आडवाणी को आमंत्रित किया गया है और वो शपथग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं

महागठबंधन से समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के "विश्वासघात" को भी लगता है कि कुछ समय के लिए भुला दिया गया है. भाई शिवपाल यादव के साथ वो भी समारोह में पहुंचेंगे. इसके अगले ही दिन, 21 नवंबर को मुलायम के जन्मदिन के अवसर पर लालू प्रसाद के उनके गांव सैफई जाने की खबर है. 

कांग्रेस से भी समारोह में कई प्रतिनिधि पहुंचेंगे. कांग्रेस के प्रथम परिवार यानी गांधी परिवार से सोनिया या राहुल में से कोई एक ही पहुंचेगा. हालांकि राहुल के नाम की संभावना ज्यादा है. गुलाम नबी आजाद और मीरा कुमार जैसे अन्य कांग्रेसी नेताओं के भी पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. 

भाजपा नेता

समारोह का असली आकर्षण भाजपा के चेहरे होंगे, उन्हीं पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं. जेडीयू सूत्रों के मुताबिक भाजपा में दरकिनार कर दिए गए नेता लालकृष्ण आडवाणी को आमंत्रित किया गया है और वो शपथग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं. जबकि बिहार चुनाव अभियान के दौरान भाजपा की आलोचना करने वाले "बिहारी बाबू" शत्रुघ्न सिन्हा भी भाजपा से समारोह में पहुंचने वाले एक अन्य नेता हो सकते हैं. 

केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू और राजीव प्रताप रूडी भी भाजपा के प्रतिनिधि के रूप में मौजूद हो सकते हैं.

शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे को भी निमंत्रण भेजा गया है. हालांकि उनके पहुंचने की संभावना काफी कम है

सूची में भाजपा के अधिकांश मुख्यमंत्रियों के नाम शामिल नहीं हैं. एक जेडीयू नेता के मुताबिक, "अब तक झारखंड और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अतिथि सूची में शामिल नहीं हैं. हमें झारखंड के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री (बागी नेता) सरजू राय के भी पहुंचने की उम्मीद है."

शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे को भी निमंत्रण भेजा गया है. हालांकि उनके पहुंचने की संभावना काफी कम है. 

यानी, समारोह में दो तरह के मेहमान पहुंचेंगे. इनमें से एक बहुत बड़ा विपक्ष है जबकि दूसरे भाजपा और राजग के असंतुष्ट, दरकिनार नेता. एक वरिष्ठ जेडीयू नेता कहते हैं, "वास्तव में, यह एकजुट विपक्ष को देखने का अवसर साबित होगा. समारोह निस्संदेह राष्ट्रीय स्तर पर एक संदेश देगा."

First published: 19 November 2015, 21:16 IST
 
पाणिनि आनंद @paninianand

Senior Assistant Editor at Catch, Panini is a poet, singer, cook, painter, commentator, traveller and photographer who has worked as reporter, producer and editor for organizations including BBC, Outlook and Rajya Sabha TV. An IIMC-New Delhi alumni who comes from Rae Bareli of UP, Panini is fond of the Ghats of Varanasi, Hindustani classical music, Awadhi biryani, Bob Marley and Pink Floyd, political talks and heritage walks. He has closely observed the mainstream national political parties, the Hindi belt politics along with many mass movements and campaigns in last two decades. He has experimented with many mass mediums: theatre, street plays and slum-based tabloids, wallpapers to online, TV, radio, photography and print.

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