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विपक्ष कर रही हंगामा आत्मविश्वास में मोदी सरकार, क्या आज पेश हो पाएगा अविश्वास प्रस्ताव?

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 March 2018, 9:11 IST

पिछले कई दिनों से आंध्र प्रदेश की पार्टी वाईएसआर कांग्रेस और टीडीपी केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना चाह रही हैं लेकिन संसद में हंगामें के बीच वह प्रस्ताव नहीं ला पा रही हैं. आज इन पार्टियों को उम्मीद होगी कि संसद में हंगामा नहीं होगा और वह अविश्वास प्रस्ताव ला पाएंगी.

हालांकि आज भी संसद में हंगामे के आसार हैं. इससे पहले सोमवार को विपक्षी दलों के हंगामे के कारण 11वें दिन भी लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करना पड़ा था. मोदी सरकार के चार साल के कार्यकाल में पहली बार है जब विपक्षी दल अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहते हैं.

अगर अविश्वास प्रस्ताव की बात करें तो इसे लेकर सदन में मोदी सरकार पूरे आत्मविश्वास में नजर आई. वहीं विपक्षी पार्टियां खुद हंगामा कर रही हैं. गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी ने कहा कि सरकार अविश्वास प्रस्ताव समेत सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है. सभी दल सहयोग दें. इसके अलावा लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने भी कहा कि हंगामे की स्थिति मे प्रस्ताव लाने वाले लोगों को गिना नहीं जा सकता है.

 

गौरतलब है कि कल बैठक शुरू होते हुए आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने समेत अन्य मांगों को लेकर टीडीपी, वाईएसआर कांग्रेस, अन्नाद्रमुक आदि के सदस्यों ने हंगामा कर दिया. इसके कारण कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित रही. जब दोबारा बैठक शुरू हुई तो फिर से इन पार्टियों ने हंगामा शुरू कर दिया.

इस पर लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा कि वह टीडीपी के केटी नरसिंहन और वाईएसआर कांग्रेस के वाई वी सुब्बारेड्डी द्वारा पेश अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस के संदर्भ में कर्तव्य से बंधी हैं. लेकिन सदन में व्यवस्था नहीं है. सदस्य अपने स्थान पर जाएं और सदन में व्यवस्था बने तो ही वह इस पर आगे बढ़ सकती हैं.

इस पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्यों और टीडीपी के सदस्यों ने अपने स्थानों पर ही खड़े होकर ही जोरदार हंगामा किया. हंगामा जारी रहने के कारण बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया.

 

क्या है स्थिति
फिलहाल जो लोकसभा का समीकरण है उससे सरकार को कोई खतरा नजर नहीं आ रहा. भाजपा अपने दम पर ही अविश्वास प्रस्ताव पास कर लेगी. लोकसभा में सरकार को बहुमत के लिए 269 वोट चाहिए जबकि उसकी खुद की पार्टी के 273 सांसद हैं. इसके अलावा एनडीए के 328 सांसद हैं. हालांकि इसमें से टीडीपी के सांसद सरकार का साथ नहीं दे रहे इसके बाद भी एनडीए के पास 312 सांसद बचते हैं.

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अगर इसमें से शिवसेना के भी 18 सांसद अनुपस्थित रहे तो भी सरकार को कोई खतरा नहीं है. भाजपा को लोजपा के छह, रालोसपा के तीन, अकाली दल के चार, जदयू के दो और अपना दल के दो सदस्यों का समर्थन प्राप्त है.

First published: 20 March 2018, 8:45 IST
 
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