Home » इंडिया » No confidence motion: first time nehru government faced it, after 15 years today it will be discussed in loksabha
 

नेहरू के खिलाफ आया था पहला अविश्वास प्रस्ताव, 15 साल बाद आज फिर होगा पेश

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 July 2018, 10:46 IST

आज 15 साल बाद लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा. आज के पहले कुल 26 अविश्वास प्रस्ताव आ चुके हैं. 2003 के बाद आज के अविश्वास प्रस्ताव को मिलाकर आने वाला ये 27वां अविश्वास प्रस्ताव होगा.

नेहरू सरकार के खिलाफ लाया गया था पहला अविश्वास प्रस्ताव

पहला प्रस्ताव नेहरू सरकार के खिलाफ आया था. 1963 में आचार्य कृपलानी ने लोकतंत्र के इतिहास में पहली बार अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था. हालांकि ये प्रस्ताव 347 वोटों की कमी से गिर गया था. इस प्रस्ताव का सरकार पर कोई ख़ास फ़र्क़ नहीं पड़ा था. लेकिन इसके साथ ही भारत में अविश्वास प्रस्ताव का इतिहास शुरू हुआ.

इंदिरा गांधी ने सबसे ज्यादा बार झेला अविश्वास प्रस्ताव

इंदिरा सरकार ने सबसे ज्यादा अविश्वास प्रस्ताव झेला है. इंदिरा गांधी के कार्यकाल में 15 बार ये प्रस्ताव लाया गया.

ये भी पढ़ें- शिवसेना ने सामना में दिए यू टर्न के संकेत, उद्धव ठाकरे ने शाह को दिया था सपोर्ट का भरोसा

 

इनके खिलाफ भी आया अविश्वास प्रस्ताव

तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुरी शास्त्री के खिलाफ भी तीन बार अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया था. भारत के दूसरे प्रधानमंत्री के खिलाफ पहला अविश्वास प्रस्ताव 1964 में लाया गया था. 1965 के दौरान लाल बहादुर शास्त्री के खिलाफ दो अविश्वास प्रस्ताव लाए गए थे.

एक बार 1987 में राजीव गांधी सरकार के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था. मगर इस प्रस्ताव को ध्वनि मत से ही हरा दिया गया था. वहीं पी.वी.नरसिम्हा राव के कार्यकाल में भी तीन बार अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया था.

ये भी पढ़ें- अविश्वास प्रस्ताव: बहस से पहले बोले PM मोदी, लोकतंत्र के लिए आज का दिन अहम

कुछ ही वोटों से बची थी मनमोहन सरकार

साल 2008 में मनमोहन सिंह के नेतृत्व की यूपीए सरकार के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया था. सीपीएम ये प्रस्ताव लाइ थी. इसका कारण अमेरिका के साथ हुआ परमाणु समझौता था. हालांकि कुछ वोटों से ही यूपीए की सरकार गिरने से बच गई.

First published: 20 July 2018, 10:46 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी