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शिवसेना ने सामना में दिए यू टर्न के संकेत, उद्धव ठाकरे ने शाह को दिया था सपोर्ट का भरोसा

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 July 2018, 8:33 IST

अविश्वास प्रस्ताव को लेकर शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में खुलासा किया है. ये मोदी सरकार के लिए बड़ा झटका हो सकता है. उद्धव ठाकरे ने संकेत दिए हैं कि शिवसेना सरकार का समर्थन नहीं करेगी. 'सामना' में आज लिखा है कि इस समय देश में तानाशाही का माहौल है. और शिवसेना तानाशाही का समर्थन करने की बजाय जनता का समर्थन करेगी.

अभी तक ऐसी अटकलें थी कि शिवसेना मोदी सरकार के पक्ष में वोट डालेगी. खबरें ऐसी भी थी कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उद्धव ठाकरे को फ़ोन किया था. इसके बाद ख़बरों का बाजार गर्म था की शिवसेना मोदी सरकार के साथ जाएगी.

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गौरतलब है कि लोकसभा में 543 सांसद हैं, जिसमे इस वक़्त 11 सीटें खाली हैं. इस लिहाज से बहुमत पाने के लिए 267 सीटों का आंकड़ा जरुरी है. अभी भाजपा की स्तिथि की बात करें तो भाजपा के पास 272 सांसदों के साथ सरकार के पक्ष में कुल 295 सांसद हैं. अगर शिवसेना का समर्थन होता तो ये आंकड़ा 313 का होता. लेकिन अभी तक सीधे तौर पर शिवसेना का रूख साफ़ नहीं है.

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सरकार के विरोध में इस वक़्त 147 सांसद हैं. जबकि शिवसेना के अगर 18 सांसदों को मिला दिया जाये तो ये संख्या 165 हो जाएगी. संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर 90 सांसदों का रूख साफ़ नहीं है.

आज के सामना में छपे लेख के अनुसार ये अटकलें लगाईं जा रही हैं कि शिवसेना सरकार का साथ नहीं देगी. लेकिन अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है.

First published: 20 July 2018, 8:33 IST
 
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