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केरल के सौम्या मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट ने दोषी गोविंदाचामी की फांसी की सजा रद्द की

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:46 IST
(पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट ने केरल के सौम्या बलात्कार एवं हत्याकांड के दोषी गोविंदाचामी की फांसी की सजा गुरुवार को रद्द कर दी है. हालांकि कोर्ट ने उसे 23 वर्षीय सौम्या के साथ बलात्कार का दोषी करार दिया है और सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है.

न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति पीसी पंत और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने केरल उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ गोविंदाचामी की अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए उसके विरुद्ध हत्या का अपराध समाप्त कर दिया. इसके साथ ही न्यायालय ने हत्या के लिए उसे दी गई फांसी की सजा भी निरस्त कर दी.

त्रिशूर की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नवंबर 2011 में गोविंदाचामी को बलात्कार और हत्या का दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड दिया था, जिस पर उच्च न्यायालय ने भी मोहर लगा दी थी. इस फैसले के खिलाफ गोविंदाचामी ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था.

गौरतलब है कि 1 फरवरी 2011 को कोच्चि के एक सुपरमार्केट में काम करने वाली सौम्या की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी. यह घटना उस वक्त घटी जब सौम्या एमजी एर्नाकुलम-शोरनुर यात्री ट्रेन से एर्नाकुलम से वापस लौट रही थी. सौम्या को महिला डिब्बे में अकेला पाकर बलात्कार एवं लूटपाट के इरादे से गोविंदाचामी उसमें घुस गया और दुराचार की कोशिश करने लगा.

सौम्या ने इसका पुरजोर विरोध किया था और इसी धक्कामुक्की में वह ट्रेन से गिर गयी. इसके बाद अपराधी भी ट्रेन से कूद गया और बेहोशी की हालत में पड़ी सौम्या के साथ दुष्कर्म किया. इसके अलावा वो उसका मोबाइल भी लूट कर ले गया. 

अगले दिन रेलवे ट्रैक के किनारे सौम्या जख्मी हालत में मिली थी. सौम्या को बेहोशी की हालत में त्रिशूर मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया, जहां 5 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद आखिरकार 6 फरवरी 2011 को उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.

First published: 15 September 2016, 3:52 IST
 
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