Home » इंडिया » No one can do what Jaitley did for his children from driver to cook
 

जेटली ने अपने ड्राइवर से लेकर कुक तक के बच्चों को विदेशों में पढ़ाया

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 August 2019, 23:04 IST

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का आज दिल्ली के एम्स में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. जेटली 66 साल के थे. जेटली को जानने वाले और उनके करीबी उनकी मौत पर गहरे सदमे में हैं. यहां तक कि उनके ड्राइवर, कुक और काम करने वाले कर्मचारी कहते हैं की यह उनके लिए सबसे बड़ा नुकसान है. जेटली ने अपने ड्राइवर और निजी स्टाफ के बच्चों को अपने बच्चों की तरह चाणक्यपुरी के कार्मल कॉन्वेंट स्कूल जैसे स्कूल में पढ़ाया. उन्होंने स्टाफ के होनहार बच्चों को विदेश तक पढ़ने के लिए भेजा. ड्राइवर जगन सहित 10 कर्मचारी जेटली परिवार के साथ तीन दशक से हैं. इनमे से तीन के बच्चे विदेशों में पढ़ रहे हैं

 

हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार जेटली परिवार के खान-पान की जिम्मेदारी निभाने वाले वाले जोगेंद्र की एक बेटी एक लंदन में पढ़ रही हैं. जबकि सहयोगी गोपाल भंडारी का एक बेटा डॉक्टर और दूसरा इंजीनियर बन चुका है. जेटली ने 2005 में अपने सहायक ओपी शर्मा के बेटे को लॉ की पढ़ाई के दौरान अपनी एसेंट कार गिफ्ट कर दी थी. नौकरशाह उन्हें उन्हें हमेशा एक अच्छा बॉस मानते थे. उनके व्यापार और कानून का ज्ञान आश्चर्यजनक था. जेटली को दो चीजों का बहुत शक था, अच्छा भोजन और अच्छी चर्चा.

कनॉट प्लेस के मीनार रेस्तरां से दाल उनके पसंदीदा व्यंजनों में से एक थी. जेटली ने एक बार एक रिपोर्टर को बताया था कि जब वह न्यूयॉर्क गए थे, तो उन्होंने मैनहट्टन के एक रेस्तरां से भारतीय व्यंजन अपने होटल में पहुंचाए थे. जेटली के पत्रकारों के बीच कई अच्छे दोस्त थे. 1946 में जेटली का परिवार लाहौर से अमृतसर आ गया. विभाजन के समय उनका परिवार सीमित संसाधनों के साथ भारत में बसा था.

 

 

First published: 24 August 2019, 23:04 IST
 
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