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गोरखपुर में 36 मासूमों की मौत को नोबेल पुरस्कार विजेता ने बताया नरसंहार

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 August 2017, 12:55 IST

गोरखपुर के सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से हुई 33 बच्चों की मौत पर देश भर में गुस्सा है. नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने इस हादसे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इसे हादसे की जगह एक नरसंहार करार दिया.

 

मासूम बच्चों की गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में मौत की खबर के बाद कैलाश सत्यार्थी ने ट्वीट कर लिखा, "बिना ऑक्सीजन के 30 बच्चों की मौत हादसा नहीं, हत्या है. क्या हमारे बच्चों के लिए आजादी के 70 सालों का यही मतलब है."

इसके बाद कैलाश ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए एक और ट्वीट किया. अपने इस ट्वीट में उन्होंने लिखा, "आपका एक निर्णायक हस्तक्षेप दशकों से चली आ रही भ्रष्ट स्वास्थ्य व्यवस्था को ठीक कर सकता है ताकि  ऐसी घटनाओं को आगे रोका जा सके."

दरअसल गुरुवार रात ऑक्सीजन की कमी से मरने वाले 13 बच्चे एनएनयू वार्ड और 17 इंसेफलाइटिस वार्ड में भर्ती थे. बताया जा रहा है कि 69 लाख रुपये का भुगतान न होने की वजह से ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली फर्म ने ऑक्सीजन की सप्लाई गुरुवार की रात से ठप कर दी थी. खबरों के मुताबिक पिछले 5 दिनों में अस्पताल में 60 बच्चों की मौत हो चुकी है. हालांकि अस्पताल प्रशासन ने ऑक्सीजन की कमी से इनकार किया है.

हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है.राज्य के सूचना विभाग ने देर शाम जारी बयान में कहा कि कुछ टीवी चैनलों द्वारा बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 30 बच्चों की मौत की खबरें दिखाई जा रही हैं जो भ्रामक हैं.

सरकार का कहना है कि, मेडिकल कॉलेज में भर्ती 7 मरीजों की विभिन्न चिकित्सकीय कारणों से 11 अगस्त को मृत्यु हुई. घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं. वहीं डीएम ने इस मामले की जांच के लिए 5 सदस्यीय टीम गठित की है.

First published: 12 August 2017, 12:55 IST
 
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