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NIA की विशेष अदालत ने जारी किया ज़ाकिर नाइक के ख़िलााफ़ ग़ैर ज़मानती वारंट

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 April 2017, 17:04 IST

विवादित मुस्लिम धर्म गुरु ज़ाकिर नाइक की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. उनके ख़िलाफ़ मुंबई स्थित एनआईए की एक विशेष अदालत ने ग़ैर ज़मानती वारंट जारी कर दिया है. ज़ाकिर नाइक पर आरोप है कि उन्होंने दो समुदायों के बीच वैमनस्यता बढ़ाने का काम किया है. फिलहाल ज़ाकिर नाइक भारत में नहीं हैं.

एनआईए की विशेष अदालत से पहले प्रवर्तन निदेशालय भी ज़ाकिर नाइक के ख़िलाफ़ गैर ज़मानती वारंट जारी कर चुका है. प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले साल नाइक नाइक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के खिलाफ मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज किया था. उसने यह कदम राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) की ओर से दर्ज एफआइआर के आधार पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत उठाया था. अब एनआईए की तरफ जारी वारंट के बाद उनपर शिकंजा कसता चला जा रहा है.

ज़ाकिर से इतर उनके सहयोगी आमिर गजदर पर भी मनी लांड्रिंग के आरोप में एक मामला दर्ज किया जा चुका है. इनकी गिरफ्तारी प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने 16 फरवरी को की थी. ज़ाकिर पर आरोप है कि वो और उनके सहयोगी अवैध गतिविधियों में शामिल रहे हैं. उन्होंने अपने उपदेशों के जरिये देश में विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी और नफरत को बढ़ावा देने का अपराध किया है.

अटकलें लगाई जा रही थीं कि ज़ाकिर नाइक मलेशिया में छिपे हो सकते हैं मगर मलेशिया की सरकार ने इस दावे को खारिज कर दिया था. मलेशिया के उप प्रधानमंत्री अहमद जाहिद हमीदी ने कहा था कि मलेशिया इकलौता ऐसा देश नहीं है, जहां जाकिर नाइक रहते हों. उन्होंने बताया कि जाकिर नाइक के पास मलेशियन परमानेंट रेजीडेंट है लेकिन वह यहां के नागरिक नहीं है और वो दूसरे देशों में भी रहते हैं. जाकिर नाइक के पास मलेशिया का परमानेंट रेजीडेंट (PR) स्टेटस है और ये उन्हें करीब पांच साल पहले मिला था.

गौरतलब है कि 1 जुलाई, 2016 को बांग्लादेश की राजधानी ढाका के एक पॉश रेस्तरां में हुए आतंकी हमले की जांच के दौरान नाइक पहली बार जांच के घेरे में आए थे. एनआईए ने इसके बाद गैर-कानूनी गतिविधियां अधिनियम के तहत धर्म और नस्ल के आधार पर नफरत फैलाने के लिए नाइक के खिलाफ मामला दर्ज किया था.

First published: 20 April 2017, 17:04 IST
 
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