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नए नोट छापने के लिए 20 हज़ार टन करेंसी पेपर का आयात !

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 December 2016, 9:20 IST

नोटबंदी के बाद से देशभर में कैश की भारी किल्लत हो गई है. पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट तकरीबन 86 फीसदी करेंसी के तौर पर थे, ऐसे में नए नोटों की छपाई के काम में तेजी लाने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है.

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक केंद्र सरकार अगले हफ्ते करेंसी पेपर के आयात के लिए टेंडर जारी कर सकती है. इस बीच देश के चार सिक्योरिटी प्रिंटिंग प्रेस में नए नोटों की छपाई जोर-शोर से चल रही है.

इससे पहले शनिवार को वित्त सचिव शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में वित्त मंत्रालय की एक बैठक हुई थी. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक बैठक में शामिल अफसरों ने बताया है कि 20 हजार टन करेंसी पेपर आयात का जल्द ऑर्डर दिया जा सकता है.

पिछले साल 8 हजार टन पेपर का आयात

पिछले साल सरकार ने तकरीबन 8 हजार टन करेंसी पेपर का आयात किया था. इस लिहाज से ढाई गुना ज्यादा करेंसी पेपर इंपोर्ट कराने की तैयारी है.

अंग्रेजी अखबार से बातचीत में वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, "यह एक बड़ा आयात ऑर्डर होगा, जिससे एक साल से भी ज्यादा वक्त तक प्रिंटिंग की जा सकेगी. हालांकि यह करेंसी पेपर का अब तक का सबसे बड़ा आयात ऑर्डर नहीं है. पहले हम पूरी तरह से विदेशी कागज पर निर्भर थे, लेकिन अब हम खुद का करेंसी पेपर भी बनाते हैं."

वित्त मंत्रालय के अफसरों का कहना है कि अभी सालाना 25 हजार टन के करीब करेंसी पेपर की खपत हो रही है. इसमें से 18 हजार टन करेंसी पेपर आरबीआई की प्रिंटिंग प्रेस में बनाया जाता है.

9 विदेशी कंपनियों को मिलेगा ऑर्डर !

फिलहाल नोटों की छपाई सामान्य रफ्तार से चलते रहने पर मार्च-2017 तक का स्टॉक उपलब्ध है. हालांकि नए नोटों की प्रिंटिंग को देखते हुए करेंसी पेपर की खपत बढ़ गई है, लिहाजा सरकार इंपोर्ट बढ़ाने जा रही है.

वित्त मंत्रालय और आरबीआई के अफसरों के मुताबिक नौ विदेशी कंपनियों को यह ऑर्डर मिल सकता है. गृह मंत्रालय ने भी इन कंपनियों को सुरक्षा मंजूरी दे दी है. खास बात यह है कि इनमें से छह कंपनियां पहले से भारत को करेंसी कागज की सप्लाई करती हैं.

First published: 12 December 2016, 9:20 IST
 
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