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नोटबंदी: जन धन खातों में जमा हुए 27 हजार करोड़ रुपये

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 November 2016, 10:41 IST
(कैच)

मोदी सरकार के द्वारा 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने के बाद 14 दिनों में जन धन खातों में जमा होने वाली रकम में भारी इजाफा हुआ है.

आकड़ों के मुताबिक ये लगभग 27,200 करोड़ रुपये बताये जा रहे हैं. करीब 25 करोड़ 68 लाख जन धन खातों में कुल जमा राशि 70,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुकी है. 23 नवंबर को यह आंकड़ा 72,834.72 करोड़ रुपये था.

नौ नवंबर को इन खातों में 45,636.61 करोड़ रुपये जमा थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 8 नवंबर को नोटबंदी के ऐलान के बाद जन धन खातों में 27,198 करोड़ रुपये जमा हुए हैं.

बहरहाल, 25 करोड़ 68 लाख जन धन खातों में से 22.94 फीसदी खातों में अब भी एक रुपया नहीं जमा हुआ है.

जन धन खातों में जमा करवाई गई राशि में अधिकतर राशि कर्नाटक, यूपी और पश्चिम बंगाल में लोगों के जन धन खातों में जमा कराई गई है.

खबरों के मुताबिक भारी मात्रा में रकम जमा किये जाने के बाद इस बात की आशंका जताई जा रही है कि जन धन खातों के जरिए काले धन को सफेद किया जा रहा है. इसी के चलते अचानक इतनी बड़ी तादाद में लोगों ने खातों में राशि जमा कराई है.

हर परिवार को बैंक खातों से जोड़ने के लिए मोदी सरकार की जन धन वित्तीय समायोजन योजना के तहत कुल 24 करोड़ बैंक खाते खोले गए थे. सरकार का मकसद था कि हर घर को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा जाए और लेनदेन बैंकों के माध्यम से हो.

गौरतलब है कि बीते 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा 500 और 1000 रुपये के नोट अमान्य घोषित किए जाने के बाद से बैंकों के बाहर लंबी लाइनों लगनी शुरू हो गई.

पुराने नोटों को जमा करने और बदलने के लिए लोगों के बीच भारी अफरातफरी है. हालांकि अब शहरी इलाकों में स्थिति सुधरी है लेकिन ग्रामीण इलाकों में परेशानी बनी हुई है.

First published: 27 November 2016, 10:41 IST
 
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